ताज़ा-ख़बर

संतों के सान्निध्य में मोरड़ा मोमाजी ट्रेडिंग कंपनी का भव्य शुभारंभ, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ फीता काटकर उद्घाटन

रिपोर्ट: VBN News Desk6 घंटे पहलेझारखण्ड

धुमड़ा मठाधीश के शिष्य उमाभारती महाराज सहित अनेक संत-महात्माओं की रही गरिमामयी उपस्थिति, श्रद्धालुओं को सुख-समृद्धि का दिया आशीर्वाद

संतों के सान्निध्य में मोरड़ा मोमाजी ट्रेडिंग कंपनी का भव्य शुभारंभ, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ फीता काटकर उद्घाटन

बालोतरा। शहर के मूंगड़ा रोड स्थित वीर दुर्गादास राठौड़ कृषि मंडी के सामने मोरड़ा मोमाजी ट्रेडिंग कंपनी का शुभारंभ धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण के बीच श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। उद्घाटन समारोह में विभिन्न पीठों और आश्रमों से पधारे संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष आध्यात्मिक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं पूजा-अर्चना के साथ हुआ। इसके बाद धुमड़ा मठाधीश महंत राजभारती महाराज के शिष्य उमाभारती महाराज, समदड़ी बगेची के संत नरसिंहदास महाराज, मीठड़ी महंत सौरमभारती महाराज, मोकलसर के कोलाराम महाराज, धाणेरी धाम के महंत राणा भारती महाराज तथा ऊमरलाई के महंत सोमानंद सरस्वती महाराज और निंबाराम भोभाजी सहित अन्य संत-महात्माओं ने संयुक्त रूप से फीता काटकर मोरड़ा मोमाजी ट्रेडिंग कंपनी का विधिवत शुभारंभ किया।

प्रतिष्ठान के प्रोपराइटर भीखाराम मोरड़ा व भेराराम कनाना ने बताया कि इस अवसर पर संत-महात्माओं ने अपने आशीर्वचन में कहा कि किसी भी नए कार्य की शुरुआत ईश्वर के स्मरण और संतों के आशीर्वाद से करने से सफलता के द्वार खुलते हैं। उन्होंने व्यवसाय में सत्यनिष्ठा, ईमानदारी और सेवा भाव को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संदेश देते हुए कहा कि व्यापार केवल लाभ कमाने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का भी एक महत्वपूर्ण साधन है। उद्घाटन के बाद संतों ने प्रतिष्ठान का अवलोकन किया तथा व्यापार की निरंतर उन्नति, सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए विशेष आशीर्वाद प्रदान किया। समारोह में उपस्थित श्रद्धालुओं एवं अतिथियों ने भी नवस्थापित प्रतिष्ठान की सफलता की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यापारियों, गणमान्य नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, श्रद्धालुओं एवं क्षेत्रवासियों की उपस्थिति रही। आयोजन के अंत में सभी अतिथियों का स्वागत-सत्कार किया गया तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

इन्हें भी पढ़ें.