पीडीएस में गड़बड़ी पर जिला प्रशासन का बड़ा एक्शन, दो निलंबित डीलरों पर प्राथमिकी दर्ज
हजारों किलो सरकारी अनाज गायब, उपायुक्त के निर्देश पर खरसावां में सख्त कार्रवाई शुरू

सरायकेला-खरसावां : सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में अनियमितता और सरकारी खाद्यान्न के संभावित गबन के मामलों पर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त नीतीश कुमार सिंह के निर्देश पर जिले में निलंबित जन वितरण प्रणाली दुकानों के खाद्यान्न स्टॉक, अभिलेखों और वितरण व्यवस्था का विशेष सत्यापन अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान खरसावां प्रखंड में दो निलंबित पीडीएस डीलरों के यहां गंभीर अनियमितताएं उजागर होने के बाद उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार ग्राम सरजाडीह के निलंबित पीडीएस दुकानदार अशोक कुमार प्रधान के यहां अभिलेखों के अनुसार 13,935 किलोग्राम चावल एवं 3,454 किलोग्राम गेहूं स्टॉक में उपलब्ध होना चाहिए था लेकिन निरीक्षण के दौरान पूरा स्टॉक गायब पाया गया। वहीं ग्राम तेलीसाई के निलंबित पीडीएस दुकानदार विनोद नायक के मामले में अभिलेखों के अनुसार 15,142 किलोग्राम चावल और 3,892 किलोग्राम गेहूं उपलब्ध होना अपेक्षित था किंतु भौतिक सत्यापन में चावल का स्टॉक शून्य पाया गया। जांच प्रतिवेदन में खाद्यान्न स्टॉक में भारी अंतर और सरकारी अनाज के संभावित गबन की पुष्टि होने के बाद जिला आपूर्ति पदाधिकारी के निर्देश पर अंचल अधिकारी-सह-प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, खरसावां द्वारा दोनों डीलरों के विरुद्ध खरसावां थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली गरीब एवं पात्र लाभुकों के खाद्य सुरक्षा अधिकारों से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही, गबन या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन ने कहा कि जिले के अन्य निलंबित एवं संदिग्ध पीडीएस दुकानों की भी सघन जांच और भौतिक सत्यापन किया जा रहा है। जहां भी अनियमितता सामने आएगी वहां संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। जिला प्रशासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, प्रभावी अनुश्रवण और निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। प्रशासन ने दोहराया कि लाभुकों के अधिकारों से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पीडीएस व्यवस्था में पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखने के लिए आगे भी विशेष जांच अभियान जारी रहेगा।