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मोबाइल की रोशनी में इलाज को मजबूर डॉक्टर, एमएमसीएच की बदहाल व्यवस्था उजागर

रिपोर्ट: VBN News Desk5 घंटे पहलेझारखण्ड

बिजली, लिफ्ट और संसाधनों की कमी से जूझ रहा अस्पताल, मरीजों की जान जोखिम में

मोबाइल की रोशनी में इलाज को मजबूर डॉक्टर, एमएमसीएच की बदहाल व्यवस्था उजागर

पलामू : मेदिनीनगर स्थित मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (एमएमसीएच) की स्वास्थ्य व्यवस्था इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। हालात इतने खराब हैं कि डॉक्टरों को मरीजों का इलाज मोबाइल की रोशनी में करना पड़ रहा है। अस्पताल में न तो पर्याप्त बिजली व्यवस्था है और न ही बुनियादी सुविधाएं सही ढंग से उपलब्ध हैं जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को इमरजेंसी वार्ड में लगभग 15 से 25 मिनट तक बिजली गुल रही। इस दौरान पूरा वार्ड अंधेरे में डूब गया और इलाज के लिए आए मरीजों की जांच डॉक्टरों को मोबाइल की रोशनी में करनी पड़ी। यहां तक कि इंजेक्शन देने और पर्ची लिखने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी इसी रोशनी में किए गए जो मरीजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है। अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग की स्थिति भी कम चिंताजनक नहीं है। यहां इमरजेंसी वार्ड में जाने के लिए लिफ्ट कई दिनों से खराब पड़ी है जिससे गंभीर मरीजों को सीढ़ियों के सहारे ऊपर ले जाना पड़ रहा है। परिजन मरीजों को गोद में उठाकर ले जाने को मजबूर हैं जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। लगातार सामने आ रही इन समस्याओं के बावजूद अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। न तो बिजली व्यवस्था को दुरुस्त किया गया है और न ही खराब लिफ्ट की मरम्मत की दिशा में पहल दिख रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ तो यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है। एमएमसीएच जैसे प्रमुख सरकारी संस्थान की यह हालत स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है।

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