राज्यसभा चुनाव में झारखंड की अस्मिता सर्वोपरि, विधायक नहीं बेचेंगे अपना जमीर : फुलकांत झा
गुरुजी शिबू सोरेन की विरासत और झारखंड के मान-सम्मान की रक्षा का समय : वरिष्ठ कांग्रेस नेता

सरायकेला-खरसावां : आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता फुलकांत झा ने विश्वास जताया है कि झारखंड की आदिवासी-मूलवासी भावना और राज्य की अस्मिता को ध्यान में रखते हुए महागठबंधन के सभी विधायक एवं मंत्री एकजुट होकर अपने दोनों उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करेंगे। फुलकांत झा ने कहा कि झारखंड की जनता ने जिस विश्वास के साथ वर्तमान सरकार को जनादेश दिया है उसे कायम रखना सभी जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव केवल राजनीतिक प्रक्रिया नहीं बल्कि झारखंड की गरिमा, स्वाभिमान और चार करोड़ लोगों के मान-सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि आदिवासी, मूलवासी, प्रवासी मजदूर, इंजीनियर, डॉक्टर, शिक्षाविद और समाज के सभी वर्गों की भावनाओं का सम्मान करते हुए गठबंधन के विधायक अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे। झा ने भरोसा जताया कि कोई भी जनप्रतिनिधि अपने जमीर से समझौता नहीं करेगा और राज्यहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देगा। कांग्रेस नेता ने दिवंगत झारखंड आंदोलनकारी नेता एवं पद्मभूषण सम्मानित गुरुजी शिबू सोरेन के योगदान को याद करते हुए कहा कि झारखंड की सांस्कृतिक पहचान, आदिवासी-मूलवासी गौरव और राज्य की विशिष्ट परंपराओं को बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की चट्टानी एकता झारखंड की जनता के विश्वास को और मजबूत करेगी। साथ ही उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से राज्यहित, लोकतांत्रिक मूल्यों और झारखंड की अस्मिता को सर्वोपरि रखते हुए निर्णय लेने की अपील की। फुलकांत झा ने विश्वास व्यक्त किया कि गठबंधन के सभी विधायक एवं मंत्री एकजुट रहकर अपने उम्मीदवारों को विजय दिलाएंगे और झारखंड की राजनीतिक स्थिरता तथा सम्मान को नई मजबूती प्रदान करेंगे।