डॉ कौशल के वनराखी मूवमेंट की चर्चा अमेरिका तक, पर्यावरण के क्षेत्र में किया है बड़ा काम : जॉर्ज जेम्स
वनराखी मूवमेंट की मनी गोल्डन जुबली, अमेरिका के जार्ज जेम्स व कर्नाटक से पांडुरंग हेगड़े भी हुए शामिल

मेदिनीनगर (पलामू) : विश्वव्यापी पर्यावरण संरक्षण अभियान के प्रमुख डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने अपने वन राखी मूवमेंट का गुरुवार को गोल्डन जुबली मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अमेरिका निवासी व पर्यावरण विषयक अनुसंधानकर्ता जॉर्ज जेम्स व विशिष्ट अतिथि कर्नाटक के पर्यावरण कार्यकर्ता पांडुरंग हेगड़े ने डॉ कौशल व अन्य अतिथियों के साथ छतरपुर प्रखंड के डाली गांव के कौशलनगर स्थित पार्क में लगाए गए दुलर्भ प्रजाति के पौधों का पहले अवलोकन किया। इसके बाद पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर का उद्घाटन किया। पर्यावरण संगोष्ठी कार्यक्रम में डॉ. कौशल किशोर जायसवाल के वन राखी मूवमेंट के 50 वर्षों की प्रेरणादायी यात्रा पर विस्तार से प्रकाश डाला।
मौके पर जॉर्ज जेम्स ने कहा कि पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर पूरे विश्व में अनूठा प्रयास है।जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालय पिघल रहा है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण के लिए इस प्रकार के संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। पौधारोपण व प्रकृति-संरक्षण के माध्यम से ही धरती को बचाया जा सकता है।
कर्नाटक के पर्यावरण कार्यकर्ता पांडुरंग हेंगड़े ने कहा कि डॉ. कौशल किशोर जायसवाल का कार्य पूरे देश के लिए प्रेरणास्रोत है। पर्यावरण धर्म ज्ञान मंदिर लोगों को प्रकृति से जोड़ने व संरक्षण के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने समाज से भोगवादी जीवनशैली छोड़कर प्रकृति के साथ संतुलन बनाकर जीवन जीने का आह्वान किया।
डॉ. कौशल किशोर जायसवाल ने कहा कि वृक्ष जीवन के आधार हैं। उनका संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1977 में पलामू क्षेत्र में पड़े अकाल से प्रेरित होकर उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में वन राखी मूवमेंट शुरू किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छतरपुर पूर्वी जिला परिषद सदस्य अमित कुमार जायसवाल व संचालन शालिनी श्रीवास्तव ने किया। डाली पंचायत की मुखिया पूनम जायसवाल, अरूण जायसवाल, शिशिर शुक्ला, सत्येंद्र प्रसाद जायसवाल, सुचित कुमार जायसवाल, कोमल जायसवाल, पुष्पा जायसवाल समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।