ओमान में कच्चे तेल के टैंकर पर ड्रोन हमला, दो भारतीय नाविक लापता
सोहार के पास हुई घटना की समुद्री सुरक्षा एजेंसी ने की पुष्टि; ईरानी अधिकारी का दावा- संघर्ष खत्म करने की सात शर्तों में से कुछ पर अमेरिका सहमत

मस्कट/तेहरान। ओमान के सोहार के पास कच्चे तेल के एक टैंकर पर ड्रोन से हमला होने के बाद दो भारतीय नाविक लापता हो गए हैं। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (यूकेएमटीओ) ने घटना की पुष्टि की है। स्थानीय अधिकारियों ने जहाज के चालक दल को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। हालांकि, हमले के बाद लापता दोनों भारतीय नाविकों की स्थिति को लेकर तत्काल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, यूकेएमटीओ ने बताया कि सोहार के निकट लंगर डालने वाले क्षेत्र में एक कच्चे तेल के टैंकर को बिना चालक वाले हवाई वाहन यानी ड्रोन से निशाना बनाया गया। घटना के बाद पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव की जानकारी भी तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी।
ईरान का दावा- अमेरिका कुछ शर्तें मानने को तैयार
इस घटना के बीच ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण बयान सामने आया है। ईरानी अधिकारी मोहसेन रेजाई ने रविवार को सामाजिक माध्यम एक्स पर दावा किया कि अमेरिका ने संघर्ष समाप्त करने के लिए तेहरान की सात शर्तों में से कुछ को स्वीकार कर लिया है। हालांकि, उन्होंने अमेरिकी जवाब को अपर्याप्त बताया।
रेजाई ने अमेरिका पर होर्मुज जलडमरूमध्य को दोबारा खोलने में विफल रहने और इसके लिए कथित तौर पर तस्करी का सहारा लेने का आरोप लगाया। उन्होंने अपने बयान में अमेरिकी प्रयासों की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान उसकी प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं है।
सात दिनों में सामान्य समुद्री परिवहन बहाल करने की पेशकश
ईरान ने कथित तौर पर प्रस्ताव दिया है कि यदि अमेरिका उसकी मांगें स्वीकार कर लेता है, तो वह सात दिनों के भीतर सामान्य समुद्री परिवहन बहाल कर देगा। बताया गया है कि अमेरिका ने कतर के मध्यस्थों के माध्यम से इस प्रस्ताव का जवाब दिया है।
हालांकि, ईरानी अधिकारी के दावों और बातचीत की स्थिति को लेकर स्वतंत्र पुष्टि का विवरण उपलब्ध नहीं है। ओमान के तट के पास टैंकर पर हमले और दो भारतीय नाविकों के लापता होने की घटना ने क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।