सरकारी ड्यूटी पर निकले DTO और MVI के साथ मारपीट, कुलगो टोल प्लाजा पर बंगाल बस की परमिट जांच के दौरान हंगामा
शिकायत में अधिकारियों ने बताया कि कुलगो टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड होने की संभावना है।

गिरिडीह: जिले में सरकारी ड्यूटी पर निकले परिवहन अधिकारियों के साथ मारपीट और धक्का-मुक्की का एक मामला प्रकाश मे आया है। मंगलवार देर शाम डुमरी थाना क्षेत्र के कुलगो टोल प्लाजा के पास जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार और दो मोटर वाहन निरीक्षक शुभम लाल सिंह व साकेत मरांडी ने डुमरी थाना में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
परमिट जांच के दौरान विवाद
शिकायत के अनुसार परिवहन विभाग की टीम बगोदर से सरकारी कार्य निपटाकर लौट रही थी। इसी दौरान कुलगो टोल प्लाजा के पास बंगाल नंबर की एक यात्री बस सड़क किनारे खड़ी मिली। अधिकारियों ने बस को रोककर परमिट और बस खड़ी करने को लेकर कागजातों की जांच शुरू की। आरोप है कि इसी दौरान बस स्टाफ से कहासुनी शुरू हुई और देखते ही देखते विवाद बढ़ गया।
चश्मा टूटने और मारपीट का आरोप लगाया DTO की शिकायत में बस चालक वरुण कुमार, बस मालिक तंजीम नाग और अन्य सहयोगियों पर हमले का आरोप लगाया गया है। शिकायत में कहा गया है कि धक्का-मुक्की और मारपीट में DTO का चश्मा टूट गया और तीनों अधिकारियों को चोटें भी आईं। अधिकारियों ने पुलिस से आसपास मौजूद लोगों की भूमिका की भी जांच करने को कहा है।
CCTV से खुलेगा राज* शिकायत में अधिकारियों ने बताया कि कुलगो टोल प्लाजा पर लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना रिकॉर्ड होने की संभावना है। उन्होंने पुलिस से फुटेज जब्त कर दोषियों की पहचान करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि घटना के बाद चालक बस लेकर मौके से फरार हो गया।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। परमिट जांच के दौरान विवाद किन परिस्थितियों में बढ़ा और हमले में कौन-कौन शामिल था, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा। हमले में एमवीआई के सिर पर गंभीर चोट आई है. डीटीओ ने बताया कि इस दौरान उनके साथ भी धक्का-मुक्की की गई, जिसमें उनका चश्मा टूट गया है. डीटीओ ने कहा कि हमले के बाद वे लोग किसी तरह गाड़ी में बैठकर वहां से निकले.
मारपीट का आरोप गलत, मैंने बचायी है जानः अमित कुमार
दूसरी तरफ जेएलकेएम के जिलाध्यक्ष अमित कुमार ने बताया कि मंगलवार को टोल के पास बीच रोड में बस रुकी हुई थी. वहां डीटीओ चेकिंग कर रहे थे. बीच सड़क में बस रुकने की वजह क्या है यही जानकारी लेने वे पहुंचे थे. डीटीओ को अपना परिचय दिया था. इसके बावजूद वे रूखा व्यवहार कर रहे थे. बस का चालान काटा गया था, जबकि बस में यात्री बैठे थेचालान काटने के बाद बस के चालक को गिरिडीह बुलाया जा रहा था. इसी बात को लेकर उनकी बहस हो रही थी. इसी दौरान बस से यात्री उतरे और डीटीओ और उनकी टीम पर हमला बोल दिया. मैंने खुद ही यात्रियों से डीटीओ और उनकी टीम को बचाया. उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए सारे आरोप गलत हैंl