59 वी इंजीनियर्स डे पर डॉक्टर विश्वेश्वरैया को अभियंताओं ने दी श्रद्धांजलि
कहा- उनके आदर्शों को आत्मसात करने की जरूरत

पाकुड़। डॉ मोक्षगुंडम विश्वेश्ववरैया की 165 वीं जयंती के उपलक्ष में मंगलवार को पाकुड़ के रूलर वर्क्स डिपार्मेंट में 59 वा इंजीनियर्स डे मनाई गई। इस उपलक्ष में जिले भर के अभियंताओं ने सर्वप्रथम डॉ विश्वेश्वरैया के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन कर श्रद्धांजलि दी। इंजीनियर डे पर आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता इतवारी मंडल ने कहा कि आज डॉक्टर विश्वेश्वरैया के जन्मदिन पर हमें उस महान विभूति द्वारा इंजीनियरिंग की स्थापित आदर्श को आत्मसात करने की जरूरत है। तभी उनके प्रति हम अभियंताओं का सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
उन्होंने कहा कि आज हम लोग भारत रत्न डॉक्टर विश्वेश्वरैया के जन्मदिन पर अभियंता दिवस मना रहे हैं। हमारे इंजीनियर के धरोहर की जीवनी से हमसबों को सीख लेने की जरूरत है। उनके कार्य प्रणाली को आत्मसात करना है। कहा कि इंजीनियर विकास की रीढ़ है , हमें सर्वोपरि और पूरी तत्परता से कार्य करना चाहिए। हमारी सरकार से मांग होगी कि वे किसी भी काम में बाध्यता तय नहीं होनी चाहिए कि कोई भी काम निर्धारित राशि के अंदर ही करना है। आज देश में कई ऐसे उदाहरण है, इंजीनियर बेहतर काम कर रहे हैं और पूरे देश में अपनी पहचान बनाई है।
कार्यक्रम को विशेष प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता सुभाष सिंह ने संबोधित कर डॉ विश्वेश्वरैया की जीवनी पर प्रकाश डाला। कहा कि डॉ विश्वसरिया को उनके कार्य क्षमता, राष्ट्रीय दृष्टिकोण ,ईमानदारी, विकास योजनाओं में उनकी भागीदारी एवं कर्मठता तथा जनकल्याण की भावनाओं को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 1955 में भारत रत्न की उपाधि से विभूषित किया था। उनके कार्य और आदर्शों से हमें प्रेरणा लेने की जरूरत है।
इस मौके पर सेवानिवृत्ति अभियंता राजेश्वर मंडल, मणिलाल मंडल को अभियंताओं ने साल और बुके देकर उन्हें सम्मानित किया। इस मौके पर पेयजल स्वच्छता विभाग के कार्यपालक अभियंता अनन्त प्रसाद सिंह, सहायक अभियंता विजय कुमार सिंह, राजकुमार मंडल, सतनारायण कुमार सिंह, जनार्दन मंडल, कनीय अभियंता राकेश कुमार, जय किशन कुमार, धर्मदास कुजूर, राजेंद्र कुमार मेहता, ओमप्रकाश कुमार, नारद मंडल सहित कई अभियंतागन और कार्यालय कर्मी इस कार्यक्रम में मौजूद थे।