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आजादी के दशकों बाद भी विकास से कोसों दूर अंजनवा-मलुकचाल, सड़क और पानी के लिए तरस रहे 700 ग्रामीण

रिपोर्ट: Amit Sahay3 घंटे पहलेझारखण्ड

चुनावी वादों से टूटा भरोसा, सड़क पर उतरे ग्रामीण, पक्की सड़क नहीं बनी तो प्रखंड मुख्यालय पर आंदोलन की चेतावनी

आजादी के दशकों बाद भी विकास से कोसों दूर अंजनवा-मलुकचाल, सड़क और पानी के लिए तरस रहे 700 ग्रामीण

गिरिडीह : देश की आजादी के 75 वर्ष से अधिक समय बीत जाने और झारखंड राज्य गठन के बाद भी तिसरी प्रखंड के बेलवाना पंचायत अंतर्गत अंजनवा-मलुकचाल गांव आज भी बुनियादी सुविधाओं से वंचित है। करीब 600 से 700 की आबादी वाले इस गांव में आज तक न पक्की सड़क बन सकी है और न ही पेयजल की समुचित व्यवस्था हो पाई है। बरसात शुरू होते ही गांव की बदहाल सड़कें दलदल में तब्दील हो जाती हैं जिससे ग्रामीणों का आवागमन लगभग ठप हो जाता है। इसी समस्या को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने स्थानीय युवा समाजसेवी इंकज कुमार के नेतृत्व में सड़क पर उतरकर विरोध-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, विधायक एवं संबंधित विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए शीघ्र समाधान की मांग की। ग्रामीणों का आरोप है कि हर चुनाव में नेता गांव में पहुंचकर पक्की सड़क, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का वादा करते हैं लेकिन चुनाव समाप्त होते ही सभी वादे भूल जाते हैं। गांव की महिलाओं टुन्नी देवी और बबीता देवी ने बताया कि बरसात के दौरान सड़क इतनी फिसलन भरी हो जाती है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। बाइक तो दूर, सामान्य आवागमन तक बाधित हो जाता है। अनीता देवी ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच पाती। किसी के बीमार होने पर उसे गोद या खाट पर उठाकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। वहीं कविता देवी ने बताया कि गांव में पेयजल की भी गंभीर समस्या है। विधायक मद से एक भी चापाकल नहीं लगाया गया। पहले से लगे दो चापाकल भी खराब पड़े हैं, जबकि गांव के कुएं गर्मी के मौसम में सूख जाते हैं जिससे लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पूर्व में धनवार विधायक बाबूलाल मरांडी सहित कई जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुई है। युवा समाजसेवी इंकज कुमार ने कहा कि यदि अंजनवा-मलुकचाल गांव में शीघ्र पक्की सड़क और पेयजल की व्यवस्था नहीं की गई, तो ग्रामीणों के साथ प्रखंड मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर केवल आश्वासन मिल रहे हैं जबकि गांव आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सड़क निर्माण एवं पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

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