रामगढ़ सदर अस्पताल में मॉड्यूलर ओटी के बाहर एसी में धमाका, आग लगने से मची अफरा-तफरी
अस्पताल कर्मियों और स्थानीय युवकों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा, सभी मरीज और नवजात सुरक्षित निकाले गए

रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ सदर अस्पताल में गुरुवार देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई जब मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर (ओटी) के बाहर लगे एयर कंडीशनर (एसी) में अचानक विस्फोट हो गया। धमाके के बाद एसी में आग लग गई और देखते ही देखते ऑपरेशन थिएटर, लेबर रूम तथा आसपास का पूरा परिसर धुएं से भर गया। हालांकि अस्पताल कर्मियों, चिकित्सकों और स्थानीय युवकों की तत्परता से सभी मरीजों और नवजात शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार मॉड्यूलर ओटी के बाहर गैलरी में लगे तीन एसी में से एक में तेज धमाके के साथ विस्फोट हुआ। आग लगने के बाद पूरे ओटी परिसर में धुआं फैल गया जिससे अस्पताल में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया। घटना के समय ऊपरी मंजिल पर लगभग 10 से 12 मरीज भर्ती थे जबकि तीन से चार नवजात शिशु भी मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल कर्मियों ने तत्काल बिजली आपूर्ति बंद कर दी और स्थानीय युवकों तथा मरीजों के परिजनों के सहयोग से सभी मरीजों एवं नवजातों को सुरक्षित नीचे के वार्डों में स्थानांतरित कर दिया। सूचना मिलने पर रामगढ़ पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची तथा आग पर शीघ्र ही काबू पा लिया। हालांकि देर रात तक मॉड्यूलर ओटी के भीतर धुआं भरा रहा। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार महतो ने बताया कि प्रारंभिक जांच में एसी ब्लास्ट के कारण आग लगने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि सभी मरीज सुरक्षित हैं और उनके उपचार की व्यवस्था वैकल्पिक वार्डों में कर दी गई है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं बाधित न हों। घटना के दौरान उपाधीक्षक डॉ. हरेंद्र कुमार महतो, अस्पताल कर्मी विक्की, ओम प्रकाश शर्मा, मिथुन कुमार कुशवाहा तथा स्थानीय युवक रवि और गौतम ने आग बुझाने और मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। अस्पताल प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही मॉड्यूलर ओटी की विद्युत व्यवस्था और एयर कंडीशनिंग सिस्टम की तकनीकी जांच कराई जा रही है। प्रारंभिक तौर पर तकनीकी खराबी अथवा शॉर्ट सर्किट को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है।