होली के दिन किसान की मेहनत जलकर राख: डेढ़ एकड़ अरहर की फसल आग में स्वाहा, परिवार पर टूटा आर्थिक संकट
बरवाडीह के किसान की फसल जली, मुआवजे की मांग तेज, सरकारी नियमों के तहत राहत की उम्मीद

बरवाडीह, लातेहार : जिले के बरवाडीह प्रखंड अंतर्गत पोखरी कलां गांव के भुताही टोला में होली के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक किसान की महीनों की मेहनत कुछ ही मिनटों में राख हो गई। खेत में खड़ी रहड़ (अरहर) की फसल में अचानक आग लगने से करीब डेढ़ एकड़ जमीन में लगी पूरी फसल जलकर नष्ट हो गई। इस घटना से किसान और उसका परिवार गहरे सदमे में है। जानकारी के अनुसार पोखरी कलां निवासी किसान इम्तेयाज अंसारी ने लगभग एक एकड़ 50 डिसमिल जमीन पर अरहर की फसल लगाई थी। यह फसल लगभग तैयार हो चुकी थी और कटाई का समय नजदीक था। बुधवार 4 मार्च 2026 को होली के दिन जब किसान अपने खेत की ओर गए तो उन्होंने देखा कि खेत में लगी फसल में आग लगी हुई है। देखते ही देखते आग तेजी से फैलने लगी और पूरा खेत उसकी चपेट में आ गया। घटना को देखकर किसान इम्तेयाज अंसारी ने तुरंत आसपास के लोगों को आवाज लगाई। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खेत के पास से पानी लाकर आग बुझाने की कोशिश करने लगे। काफी देर तक ग्रामीणों ने सामूहिक प्रयास किया लेकिन आग इतनी तेज थी कि उस पर काबू नहीं पाया जा सका। कुछ ही समय में पूरी रहड़ की फसल जलकर राख हो गई। आग की चपेट में खेत में रखी जलावन की लकड़ियां भी पूरी तरह नष्ट हो गईं। पीड़ित किसान ने बताया कि हर साल इसी फसल से उनके परिवार के लिए सालभर की दाल की व्यवस्था हो जाती थी और कुछ अनाज बेचकर घर का खर्च भी चलता था। लेकिन इस बार पूरी फसल जल जाने से परिवार पर आर्थिक संकट मंडराने लगा है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने दुश्मनी के कारण आग लगाई हो सकती है हालांकि यह भी संभावना है कि किसी चिंगारी या अन्य कारण से आग लगी हो। किसान इम्तेयाज अंसारी ने बताया कि वह इस मामले में बरवाडीह अंचलाधिकारी और प्रखंड विकास पदाधिकारी को लिखित आवेदन देकर घटना की जांच कराने तथा नुकसान का आकलन कर मुआवजा देने की मांग करेंगे। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से पीड़ित किसान को तत्काल राहत देने की मांग की है। सरकारी नियमों के अनुसार प्राकृतिक आपदा या आगजनी से फसल नष्ट होने की स्थिति में किसानों को राहत देने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत यदि किसान ने फसल बीमा कराया है तो उसे नुकसान का दावा करने का अधिकार मिलता है। इसके अलावा राज्य सरकार के आपदा राहत कोष के तहत भी फसल क्षति होने पर मुआवजा देने का प्रावधान किया गया है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि अधिकारी जल्द मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन करें और पीड़ित किसान को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराएं। पीड़ित किसान ने लातेहार के उपायुक्त से भी अपील की है कि इस घटना की जांच कर उन्हें राहत दी जाए, ताकि उनका परिवार इस कठिन समय में संभल सके।