सरकारी दर से अधिक कीमत पर खाद बेचने का आरोप, किसानों ने डीसी से की शिकायत
डीएपी 2,000 और यूरिया 400 रुपये प्रति बोरा मांगने का आरोप, जांच और निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग

मनोज प्रजापति
हुसैनाबाद (पलामू)। हुसैनाबाद प्रखंड क्षेत्र के किसानों ने मेंसर्स प्रकाश ट्रेडर्स, जपला के प्रोपराइटर ओम प्रकाश कश्यप तथा कृषि विकास केंद्र, हुसैनाबाद पर सरकारी निर्धारित दर से अधिक कीमत पर खाद उपलब्ध कराने का आरोप लगाया है। किसानों ने इस संबंध में पलामू उपायुक्त को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच कराने और किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
किसानों ने आवेदन में बताया है कि वे पिछले एक महीने से अधिक समय से खाद की समस्या से परेशान हैं। धान की रोपाई हुए एक महीने से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन आवश्यकता के अनुरूप डीएपी और यूरिया खाद उपलब्ध नहीं हो पा रही है। किसानों का कहना है कि एक ओर प्रशासन की ओर से खाद की कमी नहीं होने की बात कही जाती है, वहीं दूसरी ओर दुकानों पर खाद लेने पहुंचने पर उन्हें खाद उपलब्ध नहीं कराई जाती।
आवेदन के अनुसार किसानों ने आरोप लगाया है कि संबंधित दुकानदारों द्वारा डीएपी के लिए 2,000 रुपये प्रति बोरा और यूरिया के लिए 400 रुपये प्रति बोरा की मांग की गई। किसानों का कहना है कि खाद के बोरे पर डीएपी की निर्धारित कीमत 1,350 रुपये तथा यूरिया की कीमत 266 रुपये प्रति बोरा अंकित है। किसानों द्वारा निर्धारित दर पर खाद देने का आग्रह किए जाने पर कथित तौर पर दुकानदारों ने खाद देने से इनकार कर दिया और दुकान बंद कर वहां से चले गए।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि विरोध करने पर उन्हें कथित रूप से यह कहकर डराया गया कि ज्यादा हो-हल्ला करने पर दुकान का ताला तोड़कर जेल भेज दिया जाएगा। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
किसानों का कहना है कि समय पर खाद नहीं मिलने से धान की फसल के उत्पादन पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका है। वहीं अधिक कीमत पर खाद खरीदने से खेती की लागत भी बढ़ रही है। किसानों ने उपायुक्त से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी पाए जाने वालों पर कार्रवाई करने तथा किसानों को सरकारी निर्धारित दर पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराने की मांग की है।
आवेदन की प्रतिलिपि कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के मंत्री तथा सचिव, झारखंड सरकार, रांची को भी भेजी गई है।