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साकची गुरुद्वारा में जसबीर सिंह गांधी की अंतिम अरदास, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

रिपोर्ट: VBN News Desk5 घंटे पहलेझारखण्ड

गुरु घर के समर्पित सेवादार को नम आंखों से दी गई विदाई, संगत ने सेवाभाव और योगदान को किया याद

साकची गुरुद्वारा में जसबीर सिंह गांधी की अंतिम अरदास, श्रद्धांजलि सभा में उमड़ा जनसैलाब

जमशेदपुर : गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के कोषाध्यक्ष एवं गुरु घर की सेवा के प्रति पूर्णतः समर्पित सेवादार सरदार जसबीर सिंह गांधी की अंतिम अरदास मंगलवार को साकची गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा, सम्मान और गुरबाणी के मधुर स्वर के बीच संपन्न हुई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में सिख संगत, धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि तथा शहर के गणमान्य लोग उपस्थित हुए और दिवंगत आत्मा को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। अंतिम अरदास के दौरान गुरुद्वारा साहिब का दीवान हॉल भावुक माहौल से भर गया। गुरबाणी कीर्तन और अरदास के बीच संगत ने दिवंगत जसबीर सिंह गांधी द्वारा गुरु घर, पंथ और समाज के लिए किए गए योगदान को स्मरण किया। उपस्थित लोगों ने उनके सेवाभाव, सरल स्वभाव और समाज के प्रति समर्पण को सच्ची श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि सभा में साकची गुरुद्वारा के ट्रस्टी सरदार सतनाम सिंह सिद्धू, सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी के चेयरमैन सरदार गुरमीत सिंह, पूर्व प्रधान सरदार गुरमुख सिंह मुखे, युवा नेता सरदार सतबीर सिंह सोमू, बिष्टुपुर गुरुद्वारा के पूर्व प्रधान सरदार गुरचरण सिंह भोगल, सरदार रणधीर सिंह, सरदार सतपाल सिंह राजू सहित सिख समाज के अनेक वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि जसबीर सिंह गांधी केवल कमिटी के कोषाध्यक्ष नहीं थे, बल्कि गुरु घर की सेवा में पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जुटे रहने वाले कर्मठ सेवादार थे। उन्होंने कहा कि उनका अचानक निधन सिख समाज और गुरुद्वारा प्रबंधन के लिए अपूरणीय क्षति है। वहीं गुरमुख सिंह मुखे और सतबीर सिंह सोमू ने कहा कि जसबीर सिंह गांधी ने अपने कार्यकाल के दौरान गुरुद्वारा प्रबंधन, धार्मिक गतिविधियों और संगत की सेवा में जो योगदान दिया वह सदैव स्मरणीय रहेगा। उन्होंने गुरु साहिब से दिवंगत आत्मा को अपने चरणों में स्थान देने तथा परिवार को इस दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की अरदास की। उल्लेखनीय है कि 8 जून को 65 वर्षीय सरदार जसबीर सिंह गांधी का निधन हो गया था। वे पिछले कुछ समय से अस्वस्थ थे और रायपुर में उनका उपचार चल रहा था जहां उन्होंने अंतिम सांस ली। अपने पीछे वे तीन बच्चों सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। अपने मिलनसार, सहयोगी और विनम्र स्वभाव के कारण जसबीर सिंह गांधी सिख समाज में अत्यंत लोकप्रिय थे। उनके निधन से जमशेदपुर के सिख समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई थी। अंतिम अरदास के अवसर पर संगत ने उनके जीवन को सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल बताते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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