एनपीयू में हिंदी पीएचडी की फाइनल मौखिकी परीक्षा संपन्न, शोधार्थी विनीता विभाकर को उपाधि प्रदान करने की हुई अनुशंसा
उन्होंने शोध के विषयवस्तु, मौलिकता, शोध-दृष्टि व अकादमिक पक्षों का मूल्यांकन करते हुए शोधार्थी से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कई प्रश्न पूछे।

मेदिनीनगर (पलामू) : नीलांबर- पीतांबर विश्वविद्यालय में हिंदी विषय की पीएचडी फाइनल मौखिकी परीक्षा सोमवार को संपन्न हुई। शोधार्थी विनीता विभाकर के शोध विषय- उदय प्रकाश की कहानियों का गवेषणात्मक अध्ययन, था। मानविकी संकायाध्यक्ष की एनपीयू सीसीडीसी व हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. मनोरमा सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को कौटिल्य प्रशासनिक भवन में आयोजित मौखिकी परीक्षा हजारीबाग स्थित विनोबा भावे विश्वविद्यालय के प्रो. डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह वाह्य परीक्षक के रूप में मौखिक परीक्षा ली।
उन्होंने शोध के विषयवस्तु, मौलिकता, शोध-दृष्टि व अकादमिक पक्षों का मूल्यांकन करते हुए शोधार्थी से विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कई प्रश्न पूछे। पूछे गए प्रश्नों का शोधार्थी विनीता विभाकर ने तथ्यात्मक, संतुलित व सधा हुआ जवाब दिया। इससे वाह्य परीक्षक प्रो. डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह सहित अन्य प्रोफेसर ने शोधार्थी विनीता विभाकर के जवाब की सराहना की।
इसके पश्चात परीक्षक प्रो. डॉक्टर मिथिलेश कुमार सिंह ने शोधार्थी विनीता विभाकर को पीएचडी की उपाधि प्रदान करने की अनुशंसा की। शोधार्थी विनीता विभाकर ने जीएलए कॉलेज की हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ विभा शंकर के निर्देशन में शोध पूरा किया।बताते चलें कि शोधार्थी विनीता विभाकर अपने मायका लेस्लीगंज प्रखंड के कुंदरी गांव की पीएचडी उपाधि प्राप्त करने वाली पहली महिला होंगी।
इस अवसर पर जीएलए कॉलेज की प्राचार्या डॉ. ऋचा सिंह, डा. बंशीधर, डा. वीरेंद्र कुमार, डा. संजय बाड़ा, डा. सौरभ, डा. राजेंद्र सिंह, डा. आशुतोष कुमार पांडेय, डीएसडब्ल्यू डा. एसके पांडेय, कुंदन कुमार, डा. जय कुमार, डॉ अजय कुमार पासवान, डा. खुर्शीद आलम, डा. गजेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में प्रोफेसर, शोधार्थी विद्यार्थी मौजूद थे। मौके पर सभी प्रोफेसर को अंगवस्त्र व आंवला का पौधा देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर शोधार्थी विनीता विभाकर के पति अमित कुमार विश्वकर्मा, भाई सिद्धेश सत्याकर व मामा कपिलदेव शर्मा मौजूद थे।