दो सप्ताह बाद भी नहीं दर्ज हुई एफआईआर, एसपी और डीएसपी के निर्देश के बावजूद कार्रवाई का इंतजार
जमीन विवाद में भू-माफियाओं पर छिनतई और ट्रेंच भरने का आरोप, थाना प्रभारी पर दबाव में काम करने का आरोप

गिरिडीह : जिले के बिरनी प्रखंड अंतर्गत थाना रोड स्थित बिराजपुर में जमीन विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि लगभग दो सप्ताह बीत जाने के बाद भी पीड़ित पक्ष की प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई है जबकि मामले की जानकारी पुलिस के वरीय अधिकारियों तक पहुंच चुकी है। पीड़ितों ने बिरनी थाना प्रभारी पर विशेष राजनीतिक प्रभाव और कथित भू-माफियाओं के दबाव में कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार बिराजपुर निवासी मनोहर कृष्ण सहाय एवं अन्य रैयतों के नाम खाता संख्या-1, प्लॉट संख्या-447, रकबा 25 डिसमिल भूमि वर्ष 1971 में सरकार द्वारा सेटलमेंट की गई थी। पीड़ित पक्ष का दावा है कि उक्त भूमि पर पिछले 50 वर्षों से अधिक समय से जमाबंदी कायम है तथा नियमित रूप से अंचल रसीद भी निर्गत होती रही है। ऐसे में भूमि पर उनका वैध दखल और कब्जा है। बताया गया कि 25 मई 2026 को मनोहर कृष्ण सहाय अपने भूमि पर जेसीबी मशीन से ट्रेंच (खाई) कटवा रहे थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने कार्य रुकवा दिया। आरोप है कि दयाशंकर पंडित, मिट्ठू पंडित एवं गोपाल पंडित सहित अन्य लोगों ने जमीन छोड़ने और 15 लाख रुपये की मांग की। मांग पूरी नहीं होने पर कथित रूप से मनोहर कृष्ण सहाय के साथ धक्का-मुक्की की गई तथा उनकी जेब से 17 हजार रुपये नकद छीन लिए गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे राजीव सहाय के साथ भी मारपीट की गई तथा उनके पास से 3 हजार रुपये नकद और सोने की चेन छीन ली गई। घटना की सूचना मिलने पर बिरनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही दर्जनों महिला-पुरुषों ने काटे गए ट्रेंच को भर दिया। घटना के बाद मनोहर कृष्ण सहाय ने बिरनी थाना में लिखित शिकायत देने का प्रयास किया लेकिन थाना कर्मियों ने इसे सिविल विवाद बताते हुए आवेदन लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद जब वे अंचल कार्यालय पहुंचे तो वहां से भी मामला थाना क्षेत्राधिकार का बताते हुए वापस भेज दिया गया। पीड़ित ने बाद में डाक के माध्यम से थाना प्रभारी को आवेदन भेजा तथा पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार और डीएसपी-1 नीरज कुमार को भी पूरे मामले की जानकारी दी। शिकायत के बाद पुलिस निरीक्षक अजय कुमार ने संबंधित थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया। मामले पर पुलिस निरीक्षक अजय कुमार ने कहा कि थाना प्रभारी को प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू करने का निर्देश दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि थाना प्रभारी अवकाश पर हैं और उनके लौटते ही विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 तथा उच्चतम न्यायालय के विभिन्न निर्णयों के अनुसार संज्ञेय अपराध की सूचना मिलने पर पुलिस को प्राथमिकी दर्ज कर जांच प्रारंभ करनी होती है। ऐसे में अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी है कि वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद बिरनी थाना कब प्राथमिकी दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच शुरू करता है। फिलहाल पूरे मामले ने क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित पक्ष न्याय की मांग को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई की प्रतीक्षा कर रहा है।