अबुआ बजट में पीडीएस दुकानदारों को हक दिलाने की मांग, फुलकांत झा ने मुख्यमंत्री को भेजा 11 सूत्री ज्ञापन
नियमों के तहत कमीशन, बीमा और सामाजिक सुरक्षा की उठी आवाज, फेयर प्राइस शॉप डीलर्स का सरकार से न्याय का आग्रह

गम्हरिया : झारखंड फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने राज्य के लगभग हजारों पीडीएस दुकानदारों की समस्याओं को लेकर सरकार के समक्ष जोरदार तरीके से मांग रखी है। एसोसिएशन के प्रदेश सचिव सह कोल्हान फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के संयोजक एवं सरायकेला-खरसावां जिला अध्यक्ष फुलकांत झा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को एक विस्तृत आवेदन पत्र भेजकर आग्रह किया है कि झारखंड सरकार के अबुआ बजट में पीडीएस दुकानदारों के हितों को भी शामिल किया जाए। इस आवेदन की प्रतिलिपि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर एवं खाद्य आपूर्ति मंत्री डॉ. इरफान अंसारी को भी भेजी गई है। आवेदन में नियमों और विभागीय प्रावधानों का हवाला देते हुए कुल 11 सूत्री मांगें रखी गई हैं। इसमें प्रमुख रूप से राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत दुकानदारों का बकाया कमीशन दुर्गा पूजा से पूर्व भुगतान करने, वर्ष 2023-24 एवं 2024 के ग्रीन कार्ड व एनएफएस कमीशन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। दुकानदारों ने यह भी मांग की है कि राज्य सरकार स्मार्ट कार्ड के माध्यम से 15 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराए क्योंकि अधिकांश पीडीएस दुकानदार आयुष्मान या राशन कार्ड की पात्रता से बाहर हैं। आकस्मिक निधन की स्थिति में दुकानदारों के परिवार को कम से कम 3 लाख रुपये की सहायता राशि देने, दुकान भाड़ा, ई-पॉस मशीन किराया एवं बिजली बिल के एवज में न्यूनतम 3000 रुपये प्रतिमाह सहायता देने की मांग की गई है। इसके अलावा सेवा निवृत्त या सेवा छोड़ चुके दुकानदारों को कम से कम 10,000 रुपये मासिक जीवन निर्वाह भत्ता, प्रत्येक पंचायत में आपदा व गरीब परिवारों के श्राद्ध कर्म हेतु चावल की व्यवस्था तथा युवाओं की चरणबद्ध बहाली की भी मांग की गई है। साथ ही प्रत्येक परिवार को प्रति माह 2 किलो चीनी उपलब्ध कराने का प्रस्ताव भी रखा गया है। फुलकांत झा ने कहा कि पीडीएस दुकानदार सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की रीढ़ हैं लेकिन वर्षों से उन्हें नियमसम्मत अधिकार और सम्मान नहीं मिल रहा है। यदि अबुआ बजट में इन मांगों को शामिल किया जाता है तो इससे न केवल दुकानदारों की आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी बल्कि जन वितरण प्रणाली भी अधिक मजबूत और पारदर्शी बनेगी। उन्होंने सरकार से संवेदनशीलता दिखाते हुए शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है।