नम आंखों से दी मां दुर्गा को विदाई, जयकारों के बीच प्रतिमा का विसर्जन
हिरणपुर में सिंदूर खेला के साथ मां दुर्गा को दी गई भावभीनी विदाई, उत्तर बंगाल की महिला डमरू टीम की शानदार प्रस्तुति बनी आकर्षण का केंद्र

By Ajay Kumar
हिरणपुर (पाकुड़)। हिरणपुर स्थित सार्वजनिक दुर्गा पूजा समिति की ओर से शनिवार को मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन पूरे विधि-विधान, श्रद्धा और भक्तिमय वातावरण में किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने नम आंखों से मां दुर्गा को विदाई दी और अगले वर्ष पुनः आगमन की कामना की। मां दुर्गा के जयकारों, शंख ध्वनि और भक्ति गीतों से पूरा हिरणपुर क्षेत्र गुंजायमान रहा। विसर्जन यात्रा में महिलाओं, युवाओं सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्रतिमा विसर्जन से पूर्व पूजा पंडाल परिसर में पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां दुर्गा की विदाई की रस्म पूरी की गई। महिलाओं ने मां दुर्गा को मिष्ठान और जल अर्पित कर सुख-समृद्धि एवं परिवार की खुशहाली की कामना की। इसके बाद सुहागिन महिलाओं ने एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर पारंपरिक सिंदूर खेला की रस्म निभाई। इस दौरान महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। मां की विदाई के भावुक क्षणों में कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
महिला डमरू टीम की प्रस्तुति ने विसर्जन यात्रा में बांधा समां
प्रतिमा विसर्जन को लेकर भव्य शोभायात्रा निकाली गई। विसर्जन यात्रा पूजा पंडाल परिसर से निकलकर हिरणपुर बाजार और नामोपाड़ा होते हुए सुंदरपुर पहुंची। इस दौरान उत्तर बंगाल की प्रसिद्ध महिला डमरू टीम की शानदार प्रस्तुति श्रद्धालुओं के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रही। महिला कलाकारों ने डमरू की गूंज और आकर्षक प्रस्तुतियों से पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। वहीं, साउंड सिस्टम पर बज रहे भक्ति गीतों और शंख ध्वनि के बीच श्रद्धालु मां दुर्गा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। विसर्जन यात्रा के दौरान सड़क के दोनों ओर श्रद्धालुओं की मौजूदगी से उत्सवी माहौल बना रहा।
स्वर्गीय विभूति भूषण छठ पोखर में हुआ प्रतिमा का विसर्जन
विसर्जन यात्रा सुंदरपुर स्थित स्वर्गीय विभूति भूषण छठ पोखर पहुंची, जहां विधि-विधान के साथ मां दुर्गा की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा से क्षेत्र में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखने की प्रार्थना की। साथ ही अगले वर्ष फिर आने की कामना करते हुए मां को भावभीनी विदाई दी। विसर्जन के दौरान धार्मिक आस्था, पारंपरिक संस्कृति और आपसी भाईचारे की अनूठी झलक देखने को मिली।
वहीं, विसर्जन यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। सुरक्षा व्यवस्था के बीच प्रतिमा विसर्जन कार्यक्रम शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।