नारी शक्ति के सम्मान के साथ तीन दिवसीय डांडिया महोत्सव का भव्य समापन
हिरणपुर में ‘द यूथ ऑफ हिरणपुर’ की अनूठी पहल, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाली नौ महिलाएं सम्मानित

By AJay Kumar तीन दिनों तक डांडिया-गरबा की रही धूम, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, कन्या पूजन के साथ दिया महिला सशक्तिकरण का संदेश
हिरणपुर (पाकुड़)। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर हिरणपुर के मवेशी हटिया स्थित बजरंगबली मंदिर प्रांगण में ‘द यूथ ऑफ हिरणपुर’ के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय डांडिया महोत्सव नारी शक्ति के सम्मान और कन्या पूजन के साथ भव्य रूप से संपन्न हो गया। 16 से 18 अक्टूबर तक चले इस महोत्सव में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक उत्साह और सामाजिक एकता का अनूठा संगम देखने को मिला। तीनों दिनों तक डांडिया और गरबा की धूम रही। प्रतिदिन हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं और दर्शकों की भीड़ उमड़ी। आयोजन का सबसे खास आकर्षण समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी मेहनत, संघर्ष और सेवा के बल पर अलग पहचान बनाने वाली नौ महिलाओं को सम्मानित करना रहा। युवाओं की इस अनूठी पहल ने धार्मिक आयोजन के साथ महिला सशक्तिकरण और सामाजिक जिम्मेदारी का भी संदेश दिया।
नौ कन्याओं के पूजन और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
महोत्सव का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ किया गया। पंडित सुजय पांडेय ने मां दुर्गा के नौ शक्ति स्वरूपों की प्रतीक नौ कन्याओं का पूजन, वंदन और आरती कर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद प्रखंड विकास पदाधिकारी संजय कुमार, दिलीप टुडू, अंचलाधिकारी मनोज कुमार, अमृत पांडेय, कामेश्वर दास, लिट्टीपाड़ा के पूर्व जिला परिषद सदस्य शिवचरण मालतो, बजरंगबली मंदिर कमेटी के अध्यक्ष राजेश भगत, ओम शाह, राजेश साहा तथा आयोजन समिति के अध्यक्ष रोहित आनंद ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर महोत्सव का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान पूरा मंदिर परिसर मां दुर्गा के जयकारों से गूंज उठा।
नौ महिलाओं को शील्ड और चुनरी देकर किया गया सम्मानित
महोत्सव के दौरान आयोजन समिति ने महिला सशक्तिकरण को विशेष महत्व देते हुए समाज के अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली नौ महिलाओं को नारी शक्ति सम्मान से सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली महिलाओं में पुलिस सेवा से जुड़ी नीलम देवी, चिकित्सा क्षेत्र में कार्यरत डॉ. मेघ ओसी टोप्पो, शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देने वाली शिक्षिका पूनम देवी, सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी देवी, महिला सशक्तिकरण की मिसाल डोली देवी, जबरदाहा पंचायत की मुखिया राखी हांसदा, दो अनाथ बच्चों का पालन-पोषण कर रही छाया बेवा, सोशल मीडिया क्रिएटर नेहा स्वर्णकार तथा व्यवसाय के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की पहचान बनाने वाली नेहा देवी शामिल रहीं।
सभी महिलाओं को मंच पर शील्ड एवं मां दुर्गा की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर महिलाओं के संघर्ष, समर्पण और उपलब्धियों की सराहना करते हुए समाज में उनके योगदान को पहचान देने का संदेश दिया गया। वहीं, जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी लुत्फुल हक को भी मां दुर्गा की चुनरी भेंट कर सम्मानित किया गया।
डांडिया और गरबा की धुन पर तीन दिनों तक झूमते रहे श्रद्धालु
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल बना रहा। रंग-बिरंगे पारंपरिक परिधानों में सजे युवक-युवतियों और महिलाओं ने डांडिया एवं गरबा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। भक्ति गीतों और संगीत की धुन पर देर तक श्रद्धालु झूमते रहे। कार्यक्रम को देखने के लिए हिरणपुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। आयोजन स्थल पर धार्मिक आस्था के साथ सामाजिक सद्भाव और आपसी भाईचारे की झलक भी देखने को मिली।
धार्मिक उत्सव को सामाजिक सरोकारों से जोड़ने की पहल की सराहना
आयोजन समिति की ओर से डांडिया महोत्सव को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रखकर सामाजिक संदेश देने का प्रयास किया गया। कन्या पूजन के माध्यम से बेटियों के प्रति सम्मान और नारी शक्ति सम्मान के जरिए महिलाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाने की पहल की गई। स्थानीय लोगों ने युवाओं के इस प्रयास की सराहना की। आयोजन ने यह संदेश दिया कि महिलाएं आज शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस सेवा, राजनीति, सामाजिक कार्य, व्यवसाय और डिजिटल क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रही हैं। ऐसे में उनकी उपलब्धियों को सम्मान देना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
युवाओं की मेहनत और सामूहिक प्रयास से सफल हुआ महोत्सव
तीन दिवसीय डांडिया महोत्सव को सफल बनाने में ‘द यूथ ऑफ हिरणपुर’ के अध्यक्ष रोहित आनंद, उपाध्यक्ष राजेश सिंह, कोषाध्यक्ष अमन ठाकुर एवं शिवम स्वर्णकार सहित एचपी ब्लॉगर, कुंदन साहा, दीप कापुरी, महानंद साहा, आर्यन साहा, रौशन साहा, मार्शल मालतो, मितेश भगत, हीरालाल रविदास, राज भगत, विकास दास तथा अन्य सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
आयोजन समिति के सदस्यों ने महोत्सव में सहयोग करने वाले सभी लोगों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। तीन दिनों तक चले इस आयोजन ने हिरणपुर में धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा, महिला सम्मान और सामाजिक एकजुटता की मिसाल पेश की। नारी शक्ति के सम्मान के साथ संपन्न हुआ यह महोत्सव क्षेत्र के लोगों के लिए यादगार बन गया।