देखरेख के अभाव में जर्जर हो रहा करोड़ों की लागत से बना सरकारी गोदाम
गोदाम की दीवारों पर गंदगी और नमी के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं, जबकि शटरों में जंग लग चुका है।

By Ajay Kumar
लिट्टीपाड़ा (पाकुड़): लिट्टीपाड़ा प्रखंड के रंगा क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित सरकारी गोदाम आज उपेक्षा का शिकार होता नजर आ रहा है। देखरेख के अभाव में भवन जर्जर स्थिति में पहुंच गया है।
गोदाम की दीवारों पर गंदगी और नमी के निशान साफ दिखाई दे रहे हैं, जबकि शटरों में जंग लग चुका है। पूरा परिसर सुनसान पड़ा हुआ है, जिससे यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि लंबे समय से इस गोदाम का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा है।
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इस गोदाम का निर्माण सार्वजनिक हित को ध्यान में रखते हुए किया गया था, ताकि अनाज भंडारण एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के संचालन में सुविधा मिल सके। लेकिन निर्माण के बाद उचित देखरेख और उपयोग के अभाव में यह भवन धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होता जा रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि इस स्थिति से न केवल सरकारी संसाधनों की बर्बादी हो रही है, बल्कि आम जनता के पैसे के सही उपयोग पर भी सवाल उठ रहे हैं।
निरीक्षण और मरम्मत की मांग स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि गोदाम का शीघ्र निरीक्षण कर उसकी वर्तमान स्थिति का आकलन किया जाए और आवश्यक मरम्मत कर इसे जल्द उपयोग में लाया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते रखरखाव नहीं किया गया, तो करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित यह भवन पूरी तरह बेकार हो सकता है।
यह मामला सार्वजनिक धन के प्रभावी उपयोग और जवाबदेही से भी जुड़ा हुआ है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से पारदर्शिता बरतने और आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि ऐसे निर्माण कार्यों का उद्देश्य सार्थक हो सके।