विद्या विकास पब्लिक स्कूल में वार्षिक उत्सव 'उन्नयन' 2026 का भव्य आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो के गरिमामय आगमन के साथ हुआ।

Ranchi: वीवीपीएस में विद्यालय के वार्षिक उत्सव 'उन्नयन' का भव्य एवं रंगारंग आयोजन हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस वर्ष के वार्षिक उत्सव की केंद्रीय थीम " शिक्षा की शाश्वत यात्रा" रही, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि संस्कार, संस्कृति, नवाचार और निरंतर आत्म-विकास की अनंत यात्रा के रूप में प्रस्तुत किया।
विद्यालय परिसर उत्साह, उमंग और उल्लास से सराबोर रहा। विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता एवं सांस्कृतिक विरासत से सुसज्जित मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथियों, अभिभावकों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष श्री रवींद्र नाथ महतो के गरिमामय आगमन के साथ हुआ। विद्यालय परिवार की ओर से अतिथियों का सादर एवं आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया। दीप प्रज्वलन के साथ ही ज्ञान, संस्कृति और नई ऊर्जा के इस महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई। इसके पश्चात विद्यालय की वार्षिक उपलब्धियों एवं शैक्षणिक गतिविधियों पर आधारित वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम के दौरान शैक्षणिक, विभिन्न सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों एवं बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रशस्ति-पत्र , मेडल एवं छात्रवृति प्रदान कर सम्मानित किया गया। अतिथियों एवं विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों को सम्मानित किए जाने पर उनका उत्साह और आत्मविश्वास देखते ही बनता था। इस अवसर पर विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया गया। यह सम्मान समारोह अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बना।
वार्षिक उत्सव का मुख्य आकर्षण विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। "शिक्षा की शाश्वत यात्रा" विषय पर आधारित नृत्य, संगीत, नाट्य एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से विद्यार्थियों ने प्राचीन गुरुकुल परंपरा से लेकर आधुनिक शिक्षा, वैज्ञानिक सोच, नैतिक मूल्यों, भारतीय संस्कृति तथा वैश्विक दृष्टिकोण तक शिक्षा के निरंतर विकसित होते स्वरूप को अत्यंत प्रभावशाली ढंग से मंच पर प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने यह संदेश दिया कि शिक्षा केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं, बल्कि जीवन को दिशा देने वाली एक सतत, प्रेरणादायी और शाश्वत यात्रा है। प्रत्येक प्रस्तुति को दर्शकों की ओर से तालियों की गड़गड़ाहट और उत्साहपूर्ण सराहना मिली।
विद्यालय की निर्देशिका महोदया ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चा अपने आप में विशेष है। सफलता के लिए लगन, अनुशासन, सकारात्मक सोच और निरंतर प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने सपनों को लक्ष्य में बदलने तथा उन्हें प्राप्त करने के लिए पूरे समर्पण के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि "शिक्षा की शाश्वत यात्रा" का वास्तविक उद्देश्य केवल सफलता प्राप्त करना नहीं, बल्कि जीवनभर सीखते रहना और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करना है।
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या महोदया ने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अनुशासन का पालन करने, मेहनत करने तथा अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अच्छे अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को एक जिम्मेदार, संवेदनशील एवं संस्कारवान नागरिक बनाना भी है। उन्होंने वार्षिक उत्सव को विद्यार्थियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और सृजनात्मक अभिव्यक्ति को निखारने का महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि शिक्षा की यह शाश्वत यात्रा ही विद्यार्थियों को जीवन की प्रत्येक चुनौती का सामना करने योग्य बनाती है। मुख्य अतिथियों ने भी विद्यार्थियों की शानदार प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने विद्यालय द्वारा शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, नैतिक मूल्यों एवं सांस्कृतिक चेतना के संवर्धन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया गया। राष्ट्रगान के साथ समारोह का गरिमापूर्ण समापन हुआ। समारोह ने "शिक्षा की शाश्वत यात्रा" के संदेश को सार्थक करते हुए सभी उपस्थित जनों को यह प्रेरणा दी कि शिक्षा जीवनभर चलने वाली ऐसी अनमोल यात्रा है, जो व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का आधार बनती है।v