सुवर्णरेखा में उफान, गालूडीह बराज के छह गेट खुले; निचले इलाकों में बढ़ी चिंता
प्रशासनिक स्तर पर निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है।

सौरभ कुमार, जादूगोड़ा
लगातार हो रही बारिश और ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से नदी में बढ़ रही पानी की आवक ने एक बार फिर सुवर्णरेखा नदी को उफान पर ला दिया है। गालूडीह बराज और चांडिल डैम में बढ़ते जल दबाव को देखते हुए अतिरिक्त पानी की निकासी शुरू कर दी गई है। गालूडीह बराज के छह गेट खोले गए हैं। इससे नदी के तटीय और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि सुवर्णरेखा का जलस्तर बढ़कर 92.4 के फ्लड लेवल तक पहुंच गया है। बराज से पानी छोड़े जाने के बाद आने वाले समय में नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
प्रशासनिक स्तर पर निचले इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। नदी, बराज और आसपास के जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से लोगों को बचने की जरूरत है। लगातार बारिश और खेतों में पर्याप्त पानी पहुंचने से धान की खेती करने वाले किसानों के चेहरे पर राहत दिखाई दे रही है। जिन खेतों में पानी की कमी के कारण रोपनी का काम प्रभावित हो रहा था, वहां अब किसान तेजी से खेत तैयार कर धान की रोपनी में जुट गए हैं। कई गांवों में धान के बिचड़े लगाने का काम भी शुरू हो गया है।
हालांकि बारिश ने सब्जी उत्पादक किसानों की परेशानी बढ़ा दी है। लगातार पानी जमा रहने से सब्जियों की फसल में नुकसान की आशंका है। किसानों को खेतों में जलनिकासी की व्यवस्था करने की जरूरत है, ताकि फसल को लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से बचाया जा सके।गालूडीह बराज और चांडिल डैम से अतिरिक्त पानी की निकासी के बाद सुवर्णरेखा समेत आसपास की नदियों पर इसका असर पड़ रहा है। यदि ऊपरी क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहा और पानी की आवक इसी तरह बनी रही, तो आने वाले घंटों में जलस्तर में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में नदी किनारे बसे गांवों के लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।