एनजीटी की रोक के बीच गम्हरिया में बालू का अंबार, खनन विभाग और पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
मुख्य सड़क पर उतारी गई बालू, आवागमन बाधित, स्थानीय लोगों ने मांगी जांच और कार्रवाई

गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले के आदित्यपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत गम्हरिया बेसिक स्कूल के समीप स्थित महेश टॉवर परिसर में बड़े पैमाने पर बालू भंडारण को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। आरोप है कि लगातार हाइवा-ट्रकों के माध्यम से बालू लाकर यहां जमा किया जा रहा है। स्थिति यह हो गई है कि परिसर में जगह कम पड़ने के बाद बालू को गम्हरिया लाल बिल्डिंग चौक से गम्हरिया रेलवे स्टेशन जाने वाली मुख्य सड़क पर ही अनलोड किया जाने लगा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क पर बालू गिराए जाने से आम लोगों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क का एक बड़ा हिस्सा बालू से ढंक जाने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की आंखों के सामने यह सब होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। ग्रामीणों और स्थानीय निवासियों ने खनन विभाग तथा स्थानीय पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के निर्देशानुसार 10 जून से अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक लागू है तो फिर इतनी बड़ी मात्रा में पानी से भीगी हुई ताजा बालू आखिर कहां से लाई जा रही है। लोगों का आरोप है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर बालू का भंडारण संभव नहीं है। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बालू के स्रोत की जानकारी सार्वजनिक करने तथा अवैध भंडारण और परिवहन में शामिल लोगों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल क्षेत्र में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।