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उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के 28 आरोपितों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

रिपोर्ट: VBN News Desk13 घंटे पहलेझारखण्ड

15-15 लाख में सौदा, 164 गिरफ्तारियों के बाद जांच तेज, अगली सुनवाई 20 अप्रैल को

उत्पाद सिपाही भर्ती पेपर लीक मामले के 28 आरोपितों की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने मांगी केस डायरी

रांची : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े बहुचर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 28 आरोपितों की जमानत याचिका पर शुक्रवार को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 20 अप्रैल को निर्धारित की गई है। जमानत याचिका दाखिल करने वालों में अनिल कुमार यादव, विवेक कुमार सिंह, आकाश कुमार, शिवम सिंह, ममता कुमारी, मणिशंकर भगत, संजीत कुमार, संदीप कुमार, श्रीमती कुमारी, मोहम्मद मुख्तार अंसारी सहित अन्य शामिल हैं। इससे पहले भी 20 आरोपितों ने अदालत में जमानत की अर्जी दी थी। सभी आरोपितों ने दलील दी कि उन्हें साजिश के तहत फंसाया गया है और यदि उन पर मुकदमा चलता है तो उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित होगा। उल्लेखनीय है कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को इकट्ठा कर परीक्षा से संबंधित उत्तर रटाए जा रहे हैं। सूचना के आधार पर 11 अप्रैल की देर रात विशेष छापेमारी दल ने कार्रवाई करते हुए कुल 164 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें 152 पुरुष, 7 महिला अभ्यर्थी और 5 कथित गिरोह सरगना शामिल थे। छापेमारी के दौरान कई आरोपी मौके से भागने की कोशिश करते पाए गए। गिरफ्तार सरगनाओं में अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद के नाम सामने आए हैं जो अंतरराज्यीय पेपर लीक गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अभ्यर्थियों से परीक्षा पास कराने के नाम पर प्रति व्यक्ति 15-15 लाख रुपये तक की डील की गई थी। गैंग के सदस्यों ने अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड अपने कब्जे में ले लिए थे। मामले में तमाड़ थाना कांड संख्या 21/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच जारी है। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है और जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।

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