पेपर लीक कांड में 166 आरोपितों की जमानत पर सुनवाई पूरी, अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित
10 लाख में सौदा, सॉल्वर गैंग का खुलासा, सरगना समेत दर्जनों अभ्यर्थी अब भी जेल में

रांची : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में हुए बहुचर्चित पेपर लीक मामले में गिरफ्तार 166 आरोपितों की जमानत याचिका पर बुधवार को अपर न्यायायुक्त योगेश की अदालत में सुनवाई पूरी हुई। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया है जिससे अब आरोपितों और उनके परिजनों की नजर आगामी निर्णय पर टिकी हुई है। गौरतलब है कि 11 अप्रैल 2026 को आयोजित परीक्षा के दौरान पेपर लीक की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित एक अर्धनिर्मित भवन में छापेमारी की थी। देर रात हुई इस कार्रवाई में 166 लोगों को गिरफ्तार किया गया था जिनमें अधिकांश परीक्षार्थी शामिल थे। सभी को 13 अप्रैल को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया था। जांच के दौरान इस संगठित गिरोह का बड़ा खुलासा हुआ। पुलिस के अनुसार अंतरराज्यीय सॉल्वर गैंग के पांच मुख्य सरगना अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे थे। गिरोह द्वारा अभ्यर्थियों को रड़गांव में ठहराकर संभावित प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे। इतना ही नहीं अभ्यर्थियों के मोबाइल फोन और एडमिट कार्ड भी अपने कब्जे में रख लिए गए थे। बताया जा रहा है कि प्रत्येक अभ्यर्थी से लगभग 10 लाख रुपये तक में सौदा तय किया गया था वहीं कुछ अभ्यर्थियों ने भुगतान के लिए बैंक चेक भी दिए थे। इस मामले में कुल 152 पुरुष, 7 महिला अभ्यर्थी समेत अन्य आरोपी शामिल हैं। तमाड़ थाना कांड संख्या 21/2026 के तहत दर्ज इस मामले में अब अदालत के फैसले का इंतजार हैजो इस बहुचर्चित पेपर लीक कांड की दिशा तय करेगा।