ताज़ा-ख़बर

धर्मनिष्ठ श्रावक सुरेश पगारिया को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, सुकृत कार्यों को किया गया याद

रिपोर्ट: VBN News Desk9 घंटे पहलेदेश

जैनाचार्य प्रशांतशेखरसूरी बोले— व्यक्ति चला जाता है, लेकिन उसके श्रेष्ठ कर्म सदैव अमर रहते हैं

धर्मनिष्ठ श्रावक सुरेश पगारिया को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि, सुकृत कार्यों को किया गया याद

जोधपुर। समाजसेवी एवं धर्मनिष्ठ श्रावक सुरेश पगारिया के आकस्मिक निधन पर विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भैरूबाग जैन तीर्थ में आयोजित श्रद्धांजलि सभा में जैनाचार्य प्रशांतशेखरसूरी के सान्निध्य में मांगलिक एवं नवकार महामंत्र का स्मरण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। 50.jpg श्री महावीर शासन स्थापना महोत्सव समिति के राष्ट्रीय महामंत्री धनराज विनायकिया एवं अनिल मेहता ने संयुक्त रूप से बताया कि अनेक संस्थाओं से जुड़े, मिलनसार एवं सेवा-भावी व्यक्तित्व के धनी सुरेश पगारिया का बेंगलुरु में आकस्मिक निधन समाज के लिए अपूरणीय क्षति है। श्रद्धांजलि सभा में परमात्मा के समक्ष स्तुति एवं आत्मशांति की प्रार्थना की गई।

इस अवसर पर जैनाचार्य प्रशांतशेखरसूरी ने कहा कि व्यक्ति इस संसार से चला जाता है, लेकिन उसके द्वारा किए गए सुकृत कार्य सदैव लोगों के हृदय में जीवित रहते हैं। उन्होंने कहा कि सुरेश पगारिया ने अपने सेवा, समर्पण और धार्मिक आचरण से समाज में विशिष्ट पहचान बनाई थी। उनके निधन से जैन समाज ने एक धर्मनिष्ठ श्रावक को खो दिया है। आचार्य ने परिजनों से उनके आदर्शों एवं पदचिह्नों पर चलने का आह्वान किया।

उन्होंने सुरेश पगारिया की तीनों बहनों—प्रफुल्लप्रभाश्री, कुसुमप्रभाश्री एवं वैराग्य पूर्णाश्री—की संयम मार्ग पर अग्रसर होकर जिनशासन की सेवा और आत्मकल्याण के कार्यों की भी अनुमोदना की।

श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित संस्था पदाधिकारियों, सदस्यों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए गणमान्य लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर तथा तीन बार नवकार महामंत्र का स्मरण कर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और श्रद्धासुमन अर्पित किए। अंत में चंद्रप्रकाश रक्षित दीक्षित एवं गौतम पगारिया ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।

इन्हें भी पढ़ें.