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एसपी डॉ. बिमल कुमार की रणनीति से मिली ऐतिहासिक सफलता, 2.20 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा समेत 5 माओवादी गिरफ्तार

रिपोर्ट: Amit Sahay5 घंटे पहलेझारखण्ड

गिरिडीह पुलिस की बड़ी कामयाबी, डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में नक्सल नेटवर्क को करारा झटका, AK-47 के जखीरे के साथ शीर्ष माओवादी दबोचे

एसपी डॉ. बिमल कुमार की रणनीति से मिली ऐतिहासिक सफलता, 2.20 करोड़ का इनामी मिसिर बेसरा समेत 5 माओवादी गिरफ्तार

धनबाद/गिरिडीह : झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को उस समय ऐतिहासिक सफलता मिली, जब गिरिडीह के पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में झारखंड पुलिस, सीआरपीएफ की कोबरा बटालियन तथा धनबाद पुलिस की संयुक्त टीम ने भाकपा (माओवादी) के शीर्ष पोलित ब्यूरो सदस्य और 2 करोड़ 20 लाख रुपये के इनामी नक्सली मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर सहित पांच माओवादियों को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को झारखंड में नक्सली संगठन के खिलाफ सबसे बड़ी और निर्णायक उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि मिसिर बेसरा अपने सहयोगियों के साथ टाटा मैजिक वाहन से धनबाद से गिरिडीह की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रभात कुमार के साथ समन्वय स्थापित कर संयुक्त अभियान की रणनीति तैयार की। पूरे ऑपरेशन की निगरानी सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह और आईजी अभियान नरेंद्र कुमार कर रहे थे। डॉ. बिमल कुमार के नेतृत्व में पूर्व निर्धारित योजना के तहत धनबाद-गिरिडीह सीमा पर सुरक्षा बलों ने घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया। पहचान की पुष्टि होते ही मिसिर बेसरा समेत पांचों माओवादियों को बिना किसी गोलीबारी के गिरफ्तार कर लिया गया। सुरक्षा बलों की त्वरित और सटीक कार्रवाई के कारण आरोपियों को भागने का कोई अवसर नहीं मिला। वाहन की तलाशी में तीन अत्याधुनिक AK-47 राइफलें, कई मैगजीन और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल किसी बड़ी नक्सली वारदात में किया जाना था। मिसिर बेसरा लंबे समय से झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में माओवादी गतिविधियों का प्रमुख रणनीतिकार माना जाता रहा है। उसकी गिरफ्तारी को माओवादी संगठन के लिए सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से संगठन के नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों, फंडिंग चैनलों और सक्रिय कैडरों से जुड़े कई अहम खुलासे होंगे। इस सफल अभियान के बाद एसपी डॉ. बिमल कुमार की रणनीतिक योजना और नेतृत्व की व्यापक सराहना हो रही है। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती के साथ जारी रहेगा और शेष उग्रवादियों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जाएगी।

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