पुरेंद्र नारायण सिंह ने उठाई आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाली की आवाज, जियाडा से जल्द सड़क निर्माण की मांग
पुरेंद्र के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने रीजनल डायरेक्टर से की मुलाकात, बरसात के बाद सड़क निर्माण शुरू कराने का मिला भरोसा

आदित्यपुर : औद्योगिक क्षेत्र की जर्जर सड़कों, बंद स्ट्रीट लाइटों, जाम नालियों, साफ-सफाई और औद्योगिक भूमि आवंटन जैसी समस्याओं को लेकर आदित्यपुर-गम्हरिया विकास समिति के पूर्व उपाध्यक्ष पुरेंद्र नारायण सिंह ने एक बार फिर मोर्चा संभाला। उनके नेतृत्व में समिति के प्रतिनिधिमंडल ने जियाडा के रीजनल डायरेक्टर प्रेम रंजन से मुलाकात कर औद्योगिक क्षेत्र की बदहाल स्थिति से अवगत कराया और लंबित विकास कार्यों को शीघ्र शुरू कराने की मांग की। मुलाकात के दौरान पुरेंद्र नारायण सिंह ने कहा कि आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र झारखंड की औद्योगिक राजधानी माना जाता है लेकिन यहां की जर्जर सड़कें, जलजमाव, बंद स्ट्रीट लाइट और खराब सफाई व्यवस्था उद्योगों के विकास में बड़ी बाधा बन रही है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं से उद्यमियों, मजदूरों और आम लोगों को रोजाना परेशानी झेलनी पड़ रही है। उन्होंने यह भी मांग उठाई कि बड़े उद्योगों के साथ-साथ छोटे एवं मध्यम उद्यमियों को भी प्राथमिकता के आधार पर प्लॉट उपलब्ध कराए जाएं ताकि नए उद्योग स्थापित हों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि बेहतर आधारभूत संरचना ही औद्योगिक विकास की सबसे बड़ी जरूरत है। जियाडा के रीजनल डायरेक्टर प्रेम रंजन ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त करते हुए बताया कि मुख्यालय की जांच टीम औद्योगिक क्षेत्र का निरीक्षण कर चुकी है। साफ-सफाई के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है तथा इंडस्ट्री एसोसिएशन के साथ चर्चा के बाद सड़क निर्माण के प्राक्कलन में आवश्यक संशोधन किया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही बरसात समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू करा दिया जाएगा। साथ ही बहरागोड़ा, चांडिल और सीतारामपुर में उपलब्ध भूमि पर छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में भी पहल की जा रही है। प्रतिनिधिमंडल में उदित यादव, सरदार रविंदर सिंह, विमल दास, दिलीप मंडल, पीके झा, विनोद कुमार सिंह, संतोष यादव, सोनू पासवान, सत्येंद्र प्रभात, मुकेश गिरी और सिमरन मेहरा सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के बाद पुरेंद्र नारायण सिंह ने उम्मीद जताई कि जियाडा अपने आश्वासन के अनुरूप शीघ्र कार्य शुरू कर औद्योगिक क्षेत्र की वर्षों पुरानी समस्याओं का समाधान करेगा।