रामगढ़ में भीषण सड़क हादसा, कोयला लदे ट्रक ने सवारी वाहन को रौंदा, सात की मौत, एक गंभीर
चार दिनों में 10 मौतों से भड़का जनाक्रोश, एनएच-23 जाम कर ग्रामीणों ने सड़क सुरक्षा पर उठाए सवाल

रामगढ़ : झारखंड के रामगढ़ जिले में गुरुवार देर रात हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे राज्य को झकझोर दिया। रजरप्पा थाना क्षेत्र के लारी-बरलौंग के समीप रामगढ़-बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-23) पर कोयला लदे एक ट्रक ने सवारी वाहन को टक्कर मार दी। हादसे में सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। पुलिस के अनुसार सवारी वाहन में बैंड-ताशा पार्टी के सदस्य सवार थे। वे मारंगमर्चा गांव से एक कार्यक्रम में शामिल लोगों को लेकर बलसगरा लौट रहे थे। इसी दौरान रामगढ़ की ओर से आ रहे कोयला लदे ट्रक ने ओवरटेक करने के दौरान वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि सवारी वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें सवार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीण और पुलिस मौके पर पहुंचे। सभी घायलों को तत्काल रामगढ़ सदर अस्पताल पहुंचाया गया जहां चिकित्सकों ने सात लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल एक व्यक्ति को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रांची के उच्च चिकित्सा संस्थान रेफर कर दिया गया। रामगढ़ सदर अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि दुर्घटना में कुल आठ लोगों को अस्पताल लाया गया था। इनमें सात की मौत हो चुकी थी जबकि एक घायल का इलाज जारी है। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए सुरक्षित रखा गया है। रामगढ़ के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) आलोक रंजन ने बताया कि प्रारंभिक जांच में ट्रक के गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में जाकर सवारी वाहन को टक्कर मारने की बात सामने आई है। पुलिस दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही है तथा ट्रक चालक की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार हादसे में जान गंवाने वाले अधिकांश लोग मारंगमर्चा और बलसगरा गांव के निवासी थे। मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है और परिजनों को सूचना दी जा रही है। दुर्घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने एनएच-23 को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि लारी-बरलौंग क्षेत्र सड़क दुर्घटनाओं का ब्लैक स्पॉट बन चुका है। उनका कहना है कि पिछले चार दिनों के भीतर इसी स्थान पर 10 लोगों की जान जा चुकी है लेकिन इसके बावजूद राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) और संबंधित विभागों द्वारा सड़क सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए हैं। ग्रामीणों ने दुर्घटनास्थल पर स्थायी सुरक्षा व्यवस्था, गति नियंत्रण के उपाय, चेतावनी संकेतक और नियमित निगरानी की मांग की। घटना की सूचना मिलने के बाद रजरप्पा थाना पुलिस, रामगढ़ थाना पुलिस तथा अन्य थानों के अधिकारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाकर यातायात बहाल कराने का प्रयास किया। फिलहाल क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है जबकि प्रशासन हादसे के कारणों की विस्तृत जांच कर आवश्यक कार्रवाई की बात कह रहा है। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर एनएच-23 पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और भारी वाहनों की निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।