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डेढ़ साल से अधूरी पड़ी अस्पताल मार्ग की सड़क, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

रिपोर्ट: अकरम 4 घंटे पहलेझारखण्ड

संवेदक की लापरवाही पर सांसद प्रतिनिधि ने उठाए सवाल, डीसी से जांच और कार्रवाई की मांग

डेढ़ साल से अधूरी पड़ी अस्पताल मार्ग की सड़क, बारिश में कीचड़ और गड्ढों से मरीजों की बढ़ीं मुश्किलें

बरवाडीह, लातेहार : प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) के तहत बरवाडीह प्रखंड मुख्यालय के मेन रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मार्ग से मुर्गीडीह तक बनने वाली सड़क का निर्माण कार्य शिलान्यास के लगभग डेढ़ वर्ष बाद भी अधूरा पड़ा है। संवेदक द्वारा सड़क पर केवल मिट्टी और मोरम डालकर निर्माण कार्य बीच में ही छोड़ देने से बरसात शुरू होते ही सड़क की हालत बदतर हो गई है। जगह-जगह कीचड़, जलजमाव और कटाव के कारण इस मार्ग पर आवागमन करना लोगों के लिए मुश्किल बन गया है। इस सड़क का सबसे अधिक उपयोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र आने-जाने वाले मरीज, गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, स्कूली बच्चे तथा स्थानीय ग्रामीण करते हैं। बारिश के कारण सड़क दलदल में तब्दील हो गई है जिससे एम्बुलेंस चालकों को भी मरीजों को अस्पताल तक पहुंचाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क का निर्माण पूरा नहीं कराया गया तो किसी भी दिन गंभीर मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य लंबे समय से ठप पड़ा है जबकि संबंधित विभाग भी इस मामले में कोई गंभीर पहल नहीं कर रहा है। ग्रामीण उमेश सिंह, शशि सिंह, अवधेश सिंह, संतोष राम, विपिन परहिया, साहिल सिंह समेत कई लोगों ने अविलंब सड़क निर्माण पूरा कराने की मांग करते हुए कहा कि बरसात के दिनों में यह सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है और लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। मामले की जानकारी मिलने पर सांसद प्रतिनिधि दीपक राज ने संबंधित विभाग के कनीय अभियंता विलकोस खेस से दूरभाष पर संपर्क करने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद सांसद प्रतिनिधि ने जिला उपायुक्त से पूरे मामले की जांच कराने, संवेदक एवं लापरवाह विभागीय अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा सड़क निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सड़क क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यदि प्रशासन ने जल्द हस्तक्षेप नहीं किया तो बरसात के दौरान लोगों की परेशानी और बढ़ जाएगी तथा किसी बड़े हादसे से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द समाधान की अपेक्षा जताई है।

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