झारखंड की माटी कब तक लेगी लहू? जमीन विवाद में खूनी संघर्ष, अवैध जमाबंदी का खेल बेनकाब
मूल रकवा से अधिक की जमाबंदी, ताश के पत्तों की तरह कट रही लगान रसीदें

अंचल कर्मियों-अधिकारियों पर कब होगी कठोर कार्रवाई ?
18 हजार से अधिक अवैध जमाबंदी चिन्हित, रकवा से अधिक बिक्री, अंचल की मिलीभगत
गिरिडीह, अमित सहाय।
झारखंड की जमीन पर खून बहना बंद नहीं हो रहा। जमीन विवाद में लगातार हो रहे खूनी संघर्ष और हत्याओं के पीछे आखिर कौन जिम्मेवार है? एक ही जमीन के कई दावेदार कैसे तैयार हो रहे हैं? मूल रकवा से अधिक की जमाबंदी और रजिस्टर-2 में ओवरराइटिंग कर लगान रसीद काटने का खेल आखिर कब रुकेगा?
अंचल कार्यालय बना दलालों का अड्डा
जिले के अंचल कार्यालयों में दलालों का तांता लगा रहता है। आरोप है कि अवैध जमाबंदी के लिए अंचल कर्मचारी से लेकर अधिकारी तक ‘मुद्रा मोचन’ में जुटे हैं। मोटी सलामी लेकर रजिस्टर-2 में हेरफेर कर मूल रकवा से अधिक की जमाबंदी कायम कर दी जाती है। एक ही जमीन की कई-कई रसीदें काट दी जाती हैं। रसीद निर्गत होते ही कई लोग एक ही जमीन पर दावा ठोक देते हैं। फिर शुरू होता है ‘एक अनार, सौ बीमार’ वाला खूनी खेल।
*खून से रंगी जमीन
- मांडू, बलसगरा: मंगलवार को भूमि विवाद में गिरिडीह में पदस्थापित रजिस्ट्रार बालेश्वर पटेल की लाठी-डंडों से पीटकर हत्या कर दी गई। उन्होंने 11 डिसमिल जमीन खरीदी थी, जिस पर दूसरे पक्ष से विवाद चल रहा था।
- पीरटांड़: 15 एकड़ जमीन के विवाद में दो पक्ष भिड़े। पुलिस के सामने ही ग्रामीणों ने तीर मारकर सुरेश मरांडी की हत्या कर दी। हालात बिगड़ने पर थानेदार को हवाई फायरिंग करनी पड़ी। डीसी-एसपी को मोर्चा संभालना पड़ा।
- बिरनी, गुरहा: न्यायालय में लंबित विवादित जमीन पर खूनी संघर्ष में एक ही परिवार के 6 लोग घायल हो गए, जिनमें 12वीं और 8वीं के छात्र-छात्रा भी शामिल हैं।
रकवा से अधिक बिक्री, अंचल की मिलीभगत
बेंगाबाद के महदैया मौजा में खाता-1, प्लॉट-198 का कुल रकवा 1.10 एकड़ है, पर खतियानी और भू-माफिया ने 9 केवाला से 1.83 एकड़ जमीन बेच दी। अंचल ने जमाबंदी कायम कर रसीद भी काट दी।
गिरिडीह सदर अंचल के बोडो मौजा प्लॉट-733 में अलग-अलग खातों में जमाबंदी कर विवाद पैदा किया गया। अभिलेखागार की रिपोर्ट में प्लॉट-733 खाता-7, रकवा 25 डिसमिल का निकला, पर अंचल ने विवाद खत्म नहीं किया।
सुत्रो के अनुसार पूरे जिले में 18 हजार से अधिक अवैध जमाबंदी सरकारी स्तर पर चिन्हित की गयी हैं। कब्जाधारियों को नोटिस भी दिया जा चुका है। 14 हजार भू-माफियाओं को प्लॉट खाली करने का नोटिस भेजा जा रहा है।
सरकारी जमीन पर कब्जा कराने वाले अंचल कर्मियों-अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई कब होगी?
जब तक रजिस्टर-2 में ओवरराइटिंग करने वाले और ताश के पत्तों की तरह लगान रसीद काटने वाले जेल नहीं जाएंगे, तब तक झारखंड की माटी लहू से लाल होती रहेगी।</u>