मेदिनीनगर निगम की मेयर बनी तो मेदिनीनगर को झारखंड की उप राजधानी बनाने के लिए करूंगी संघर्ष: शीला श्रीवास्तव
उन्होंने निगम क्षेत्र में शामिल किए गए ग्रामीण इलाकों के विकास की भी योजना बनाई है।

मेदिनीनगर (पलामू): सामाजिक कार्यकर्ता शीला श्रीवास्तव ने मेदिनीनगर निगम की मेयर पद के लिए अपना परचा दाखिल किया और इस दौरान उन्होंने अपने उद्देश्यों और योजनाओं का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि वह मेयर बनती हैं, तो उनका पहला लक्ष्य मेदिनीनगर को झारखंड की उप राजधानी बनवाना होगा। उनके अनुसार, अगर मेदिनीनगर उप राजधानी बनता है, तो सरकार की सीधी नजर इस शहर पर होगी और इसका विकास तीव्र गति से होगा।
शीला श्रीवास्तव ने बताया कि वह बिना किसी तामझाम के मेयर पद का परचा दाखिल करने आई हैं। उनका कहना था, "मेयर बनने के बाद, मेरा मुख्य ध्यान शिक्षा पर रहेगा। साथ ही, शहर की सड़कों को चौड़ा करने और फुटपाथों का निर्माण कराने का मेरा विशेष फोकस होगा ताकि आम जनता को आवागमन में किसी प्रकार की परेशानी न हो।" उन्होंने यह भी कहा कि फुटपाथ का निर्माण होने से लोग आसानी से अपने गंतव्य तक पहुँच सकेंगे और सड़क पर चलने के दौरान उन्हें कोई खतरा नहीं होगा।
एक सवाल के जवाब में शीला ने कहा कि, "सिर्फ लाइट और बल्ब लगाने से शहर सुंदर नहीं होता। मेयर के रूप में मेरा कर्तव्य है कि मैं नगर निगम क्षेत्र की आवाज बनूं।" उन्होंने यह भी बताया कि वह मेयर बनने के बाद प्रत्येक महीने सभी पार्षदों के साथ एक-एक वार्ड में जाकर बैठक करेंगी। इस दौरान वह वार्ड की समस्याओं को सुनकर प्राथमिकता के आधार पर विकास कार्य शुरू कराएंगी।
शीला श्रीवास्तव ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी योजनाएं किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि सभी वर्गों, विशेष रूप से महिलाओं और युवतियों के लिए होंगी। उनका उद्देश्य समाज के सभी तबकों को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाना है। इसके अलावा, उन्होंने निगम क्षेत्र में शामिल किए गए ग्रामीण इलाकों के विकास की भी योजना बनाई है।
शीला श्रीवास्तव के सामाजिक कार्यों की सूची बहुत लंबी है। वह दशकों से गरीबों के बीच प्रतिदिन रोटी और सब्जी का वितरण करती आई हैं। उनका मानना है कि "ईश्वर की असली पूजा समाज के अत्यंत गरीबों की सेवा करना है।" उनके लिए, समाज की सेवा ही भगवान की पूजा है और यही कारण है कि वह हमेशा समाज के सबसे कमजोर तबकों के लिए काम करती रही हैं।
शीला श्रीवास्तव ने कहा कि उनके मेयर बनने के बाद मेदिनीनगर का हर क्षेत्र, खासकर ग्रामीण इलाके, विकास की राह पर आगे बढ़ेंगे और शहर में हर व्यक्ति को जीवन की बेहतरीन सुविधाएं मिलेंगी।