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जिला खनन पदाधिकारी की सक्रियता से पकड़ा गया अवैध बालू परिवहन, स्थानीय तंत्र पर उठे सवाल

रिपोर्ट: MANISH 6 घंटे पहलेझारखण्ड

खनन माफियाओं पर डीएमओ की सख्ती जारी, लेकिन प्रखंड स्तर की निगरानी और पुलिस व्यवस्था पर सवाल

जिला खनन पदाधिकारी की सक्रियता से पकड़ा गया अवैध बालू परिवहन, स्थानीय तंत्र पर उठे सवाल

सरायकेला-खरसावां : जिले में अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ जिला खनन पदाधिकारी की लगातार सक्रियता एक बार फिर देखने को मिली। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह के निर्देश पर शुक्रवार को जिला खनन पदाधिकारी के नेतृत्व में ईचागढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत स्वर्णरेखा नदी घाटों में चलाए गए औचक निरीक्षण अभियान के दौरान जारगोडीह क्षेत्र से अवैध बालू परिवहन करते एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया। खनन विभाग की इस कार्रवाई ने जहां अवैध कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर कार्यरत प्रखंड खनन पदाधिकारी, संबंधित थाना पुलिस और अनुमंडल प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि स्वर्णरेखा नदी घाटों से लंबे समय से अवैध बालू उठाव और परिवहन जारी है लेकिन निचले स्तर के जिम्मेदार अधिकारी इस पर प्रभावी रोक लगाने में विफल साबित हो रहे हैं। खनिज नियमों के अनुसार बिना वैध चालान, ई-परमिट और निर्धारित प्रक्रिया के खनिज परिवहन पूरी तरह अवैध माना जाता है। इसके बावजूद लगातार अवैध बालू परिवहन का सामने आना स्थानीय प्रशासनिक निगरानी पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। लोगों का आरोप है कि यदि जिला खनन पदाधिकारी स्वयं छापेमारी नहीं करें तो कई मामलों में कार्रवाई संभव ही नहीं हो पाती। निरीक्षण के दौरान जब्त ट्रैक्टर को आगे की कार्रवाई के लिए ईचागढ़ थाना को सौंप दिया गया है। इसके बाद जिला खनन पदाधिकारी ने नीमडीह थाना अंतर्गत सोनाडुंगरी क्षेत्र का भी निरीक्षण किया। यहां पूर्व में दर्ज प्राथमिकी के आलोक में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी को अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर सतत निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध खनन, भंडारण और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि आम लोगों का मानना है कि जब तक स्थानीय स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं होगी तब तक अवैध खनन पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।

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