चरघरा गांव के पास घायल लकड़बग्घा रेस्क्यू, पैर में चोट मिलने पर वन विभाग ने संभाला मोर्चा
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम, इलाज के बाद स्वस्थ होने पर जंगल में छोड़ा जाएगा

गिरिडीह : गांडेय थाना क्षेत्र के बरमसिया-1 पंचायत अंतर्गत चरघरा गांव के पास वन विभाग की टीम ने एक घायल लकड़बग्घे को सुरक्षित रेस्क्यू किया। जंगली जानवर के पैर में चोट के निशान पाए गए हैं। इसके बाद वन विभाग ने तत्काल पशु चिकित्सक को बुलाकर उसका प्राथमिक उपचार कराया। फिलहाल लकड़बग्घा वन विभाग के संरक्षण में है और उसकी निगरानी की जा रही है। मिली जानकारी के अनुसार बरमसिया-1 पंचायत के मंडवाटांड़ गांव के जंगल क्षेत्र से भटककर एक लकड़बग्घा आबादी वाले इलाके के समीप पहुंच गया था। गांव के पास जंगली जानवर को देखकर ग्रामीणों में कौतूहल के साथ चिंता भी बढ़ गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। हालांकि ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते हुए लकड़बग्घे को परेशान करने या उसे नुकसान पहुंचाने के बजाय तत्काल इसकी सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलते ही वन विभाग सक्रिय हुआ और वनरक्षी संदीप मिश्रा, रोहित पंडित एवं बम शंकर प्रसाद मौके पर पहुंचे। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से वन विभाग की टीम ने चरघरा गांव के पास से लकड़बग्घे को सुरक्षित अपने कब्जे में लिया। रेस्क्यू के दौरान उसके पैर में चोट के निशान पाए गए। वनरक्षी रोहित पंडित ने बताया कि लकड़बग्घे के पैर में चोट है। इसे देखते हुए फिलहाल उसे डॉक्टरों की विशेष निगरानी एवं वन विभाग के संरक्षण में रखा गया है। उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यक उपचार कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि लकड़बग्घे के पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास यानी जंगल में सुरक्षित तरीके से पुनः छोड़ दिया जाएगा। वन विभाग का उद्देश्य घायल वन्यजीव को उपचार उपलब्ध कराने के साथ-साथ उसे सुरक्षित रूप से उसके प्राकृतिक वातावरण में वापस पहुंचाना है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि जंगल अथवा आबादी के आसपास किसी भी प्रकार का जंगली जानवर दिखाई देने पर भीड़ न लगाएं और उसे भगाने, पकड़ने या नुकसान पहुंचाने की कोशिश न करें। ऐसी स्थिति में तत्काल वन विभाग को सूचना दें ताकि वन्यजीव और ग्रामीणों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।