जर्जर भवन में चल रहा पशु चिकित्सालय, प्लास्टर गिरने से काउंटर का शीशा टूटा, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
छिपादोहर पशु चिकित्सालय की बदहाल स्थिति पर सरकार से संज्ञान की मांग, कर्मचारियों और पशुपालकों की सुरक्षा पर उठे सवाल

बरवाडीह : प्रखंड के छिपादोहर स्थित झारखंड सरकार के पशु चिकित्सालय एवं कृत्रिम गर्भाधान केंद्र का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में संचालित हो रहा है। भवन की हालत लगातार खराब होने के बावजूद इसी परिसर में विभागीय कार्य जारी है। भवन से लगातार प्लास्टर टूटकर गिरने की घटना के कारण कर्मचारियों के साथ-साथ पशुपालकों और अन्य लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने सरकार और संबंधित विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले का तत्काल संज्ञान लेकर भवन का निरीक्षण कराने तथा आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। 10 अगस्त, सोमवार को करीब 11:10 बजे समाचार संकलन के दौरान कार्यालय खोला गया। इस दौरान भवन के कई हिस्सों से प्लास्टर टूटकर गिरता हुआ पाया गया। बताया गया कि प्लास्टर गिरने के कारण कार्यालय में रखा काउंटर का शीशा भी टूटकर क्षतिग्रस्त हो चुका है। ऐसे में यदि प्लास्टर का बड़ा हिस्सा अचानक गिरता है तो कर्मचारियों या कार्यालय में आने वाले पशुपालकों के घायल होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। वरिष्ठ पशु चिकित्सक रामायण ठाकुर ने भवन की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि भवन काफी खराब हालत में है और इसकी मरम्मत बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि जर्जर भवन में ही किसी तरह विभागीय कार्य करना पड़ रहा है। बार-बार प्लास्टर गिरने के कारण कर्मचारियों और कार्यालय आने वाले पशुपालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती है।
कार्यालय देर से खुलने पर भी सवाल
कार्यालय के देर से खुलने के संबंध में पूछे जाने पर रामायण ठाकुर ने बताया कि यहां पदस्थापित पदाधिकारी कई अन्य स्थानों के प्रभार में हैं और निर्धारित कार्य के अनुसार छिपादोहर पहुंचते हैं। उनके अनुसार पदाधिकारी बरवाडीह से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराकर छिपादोहर आते हैं तथा यहां कार्यालय पहुंचकर ऑफलाइन उपस्थिति भी दर्ज करनी पड़ती है। उन्होंने बताया कि इसी वजह से कई बार कार्यालय पहुंचने में करीब 11 बजे का समय हो जाता है।
सरकार से नियमों के अनुरूप सुरक्षा जांच की मांग
जर्जर सरकारी भवन में कार्य संचालन को देखते हुए भवन सुरक्षा के निर्धारित मानकों के अनुसार तकनीकी निरीक्षण, संरचनात्मक सुरक्षा का आकलन और आवश्यक मरम्मत कराया जाना जरूरी है। किसी सरकारी कार्यालय में कर्मचारियों और आम लोगों की आवाजाही को देखते हुए संभावित दुर्घटना वाले हिस्सों की तत्काल पहचान कर उन्हें सुरक्षित करना तथा आवश्यकता पड़ने पर अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था करना प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए। स्थानीय लोगों और विभागीय कर्मियों ने मांग की है कि संबंधित उच्चाधिकारी मामले को गंभीरता से लेते हुए भवन का तत्काल निरीक्षण कराएं, जोखिम वाले हिस्सों की मरम्मत कराएं और भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने, इसके लिए नियमित भवन सुरक्षा ऑडिट की व्यवस्था सुनिश्चित करें। सरकार की ओर से समय रहते संज्ञान लिया जाता है तो संभावित हादसे को टाला जा सकता है।