जमशेदपुर की बेटी महविश रहमान बनीं ऑल इंडिया रेडियो की आरएनयू प्रमुख, महिला सशक्तिकरण की बनीं मिसाल
स्थानीय से वैश्विक पहचान तक - शिक्षा, शोध और मीडिया नेतृत्व से महविश रहमान ने बढ़ाया देश का गौरव

रांची : जमशेदपुर की प्रतिभाशाली अधिकारी महविश रहमान ने हाल ही में ऑल इंडिया रेडियो रांची के समाचार एकांश (आरएनयू) की प्रमुख के रूप में पदभार ग्रहण कर एक नई उपलब्धि हासिल की है। भारतीय सूचना सेवा की अधिकारी महविश रहमान के इस महत्वपूर्ण पद पर पहुंचने को न केवल प्रशासनिक सफलता बल्कि महिला सशक्तिकरण के प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में भी देखा जा रहा है। पदभार ग्रहण करने के साथ ही उन्होंने समाचार संचालन की जिम्मेदारी भी संभाल ली है। इस अवसर पर ऑल इंडिया रेडियो, रांची के केंद्र निदेशक डी.सी. हेंब्रम सहित संस्थान के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए बधाई दी और उनके नेतृत्व में समाचार विभाग के और सशक्त होने की उम्मीद जताई। झारखंड के जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र की निवासी महविश रहमान बचपन से ही मेधावी छात्रा रही हैं। उनके पिता सैयद अब्दुल रहमान बैंककर्मी रहे हैं जबकि उनकी माता राफिया खातुन एक शिक्षिका रही हैं। शिक्षा के प्रति परिवार के प्रोत्साहन और अनुशासन ने ही उन्हें ऊंचाइयों तक पहुंचने की प्रेरणा दी। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा केरला समाजम मॉडल स्कूल, साकची से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अंग्रेजी साहित्य में स्नातक की पढ़ाई पूरी की और फिर देश के प्रतिष्ठित संस्थान जामिया मिल्लिया इस्लामिया के एजेके मास कम्युनिकेशन रिसर्च सेंटर से जनसंचार में स्नातकोत्तर उपाधि हासिल की। महविश की शैक्षणिक उपलब्धियां यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन की नेट और जूनियर रिसर्च फेलोशिप परीक्षा भी उत्तीर्ण की। इसके अलावा वे अमेरिका के डिकिन्सन कॉलेज, पेंसिलवेनिया में एक्सचेंज फेलो के रूप में भी अध्ययन कर चुकी हैं जो उनकी अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक पहचान को दर्शाता है। अपने पेशेवर जीवन में उन्होंने प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ कम्युनिकेशन रांची और नई दिल्ली स्थित सूचना भवन के न्यू मीडिया विंग में भी महत्वपूर्ण सेवाएं दी हैं। इन संस्थानों में कार्य करते हुए उन्होंने मीडिया, संचार और जनसूचना के क्षेत्र में उल्लेखनीय अनुभव हासिल किया। महविश रहमान अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और अपनी मौसी शोभरा खातुन को देती हैं जिनके मार्गदर्शन ने उन्हें निरंतर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। आज उनकी यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन रही है। छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बनाने वाली महविश रहमान यह संदेश देती हैं कि शिक्षा, मेहनत और संकल्प के बल पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में नेतृत्व कर सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महविश रहमान जैसे उदाहरण समाज में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी की बेटियों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने का हौसला देते हैं।