झारखंड में किशोर स्वास्थ्य को सशक्त बनाने की पहल, पांच जिलों में चलेगा सशक्त’ कार्यक्रम
जनजातीय किशोर-किशोरियों के स्वास्थ्य, शिक्षा और आत्मविश्वास बढ़ाने पर रहेगा फोकस

रांची। झारखंड में जनजातीय किशोर और किशोरियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा एवं समग्र विकास को मजबूत करने के उद्देश्य से सोमवार को राजधानी रांची में ‘सशक्त’ कार्यक्रम की शुरुआत की गई। होटल बीएनआर चाणक्य में आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के साथ विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। यह पहल एकजुट, पिरामल स्वास्थ्य, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के सहयोग से शुरू की गई है।
कार्यक्रम के पहले चरण में राज्य के पांच जिलों पाकुड़, गुमला, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम और खूंटी में इसे संचालित किया जाएगा। इससे करीब 8.3 लाख अनुसूचित जनजातीय किशोर-किशोरियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम का उद्देश्य वर्ष 2035 तक 10 लाख जनजातीय किशोरों को यौन एवं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं, पोषण, शिक्षा और समग्र कल्याण से जोड़कर सशक्त बनाना है।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि जनजातीय किशोरियों को आज भी शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच, कुपोषण, बाल विवाह, कम उम्र में गर्भधारण और लैंगिक असमानता जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। विशेष रूप से पीवीटीजी समुदाय की किशोरियां अधिक प्रभावित हैं।
वक्ताओं ने कहा कि किशोरावस्था जीवन का महत्वपूर्ण चरण है। इस दौरान सही मार्गदर्शन, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना आवश्यक है। कार्यक्रम के तहत स्कूलों में व्यापक यौन शिक्षा, सामुदायिक जागरूकता, युवा नेतृत्व और स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।