पेटी ठेका के खेल में ग्रामीण कार्य विभाग के अभियंता मौन
घटिया निर्माण कार्य होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने धावाटांड़- बरियारपुर सड़क का निर्माण कार्य रोका

Amit Sahay ग्रामीण कार्य विभाग गिरिडीह द्वारा लगभग 5 करोड़ की लागत से करवाया जा रहा सड़क निर्माण
डुमरी: घटिया निर्माण कार्य होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने सोमवार को धावाटांड़- बरियारपुर सड़क का निर्माण कार्य रोक दिया। ग्रामीणों के अनुसार विभाग और संवेदक को कई बार गुणवत्ता पूर्ण कार्य नहीं होने की शिकायत के बावजूद कार्य में कोई सुधार नहीं होने पर उन्हें बाध्य होकर काम बंद करवाना पड़ा। लगभग पांच किमी उक्त पथ का निर्माण ग्रामीण कार्य विभाग कार्य प्रमंडल गिरिडीह द्वारा लगभग 5 करोड़ की लागत से करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि संवेदक द्वारा गार्डवाल और पुलिया के निर्माण कार्य एक व्यक्ति को पेटी ठेका में दे दिया है जिसके द्वारा घटिया कार्य किया जा रहा है।
सोमवार को भाजपा किसान मोर्चा के कार्य समिति सदस्य दीपक श्रीवास्तव एवं पूर्व उप मुखिया बासुदेव महतो के नेतृत्व में ग्रामीण सुखदेव महतो, वार्ड सदस्य जागेश्वर मृधा, कपिल महतो, भोला मुंडा, कामेश्वर महतो, अशोक मुंडा, सुकरी देवी, द्रोपदी देवी, मंजू देवी सहित दो दर्जन से अधिक ग्रामीण महिला पुरुष कार्य स्थल पहुंचे और घटिया निर्माण कार्य का आरोप लगाते हुए कार्य बंद करवा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिया निर्माण के दौरान पुलिया के दीवाल खड़ा करने से पहले बेड में लगभग 1 फीट पीसीसी की ढलाई होती है लेकिन संवेदक द्वारा मात्र 2-3 इंच की ढलाई की है।
पुलिया के आरसीसी ढलाई में 16 एमएम का छड़ लगना है परन्तु ढलाई में 10-12 एमएम का छड़ दिया गया है। गार्ड वाल का दीवाल खड़ा करने से पहले लगभग 1 फीट पीसीसी की ढलाई करनी है लेकिन बिना पीसीसी ढाले ही गार्ड वाल बना दिया जा रहा है। साथ ही गार्ड वाल की जोड़ाई में पत्थरों के बीच पर्याप्त मशाला नहीं डाला जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य प्राक्कलन के तहत नहीं होने से सड़क की हालत जल्द ही जर्जर हो सकती है। मौके पर भाजपा किसान मोर्चा के कार्य समिति सदस्य दीपक श्रीवास्तव और पूर्व उप मुखिया बासुदेव महतो ने बताया कि पीसीसी की ढलाई किये बिना गार्ड वाल का निर्माण किया जा रहा है। गार्ड वाल की जोड़ाई में पर्याप्त मशाला भी नहीं दिया जा रहा है। पुलिया के निर्माण में भी पीसीसी की ढलाई और आरसीसी की ढलाई प्राक्कलन के अनुसार नहीं किया जा रहा है।