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H1N1 और H3N2 के बढ़ते मामलों पर झारखंड अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को किया सतर्क

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेस्वास्थ्य और दिनचर्या

झारखंड में अभी इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि नहीं, फिर भी जांच, निगरानी और आइसोलेशन की तैयारी तेज

H1N1 और H3N2 के बढ़ते मामलों पर झारखंड अलर्ट, स्वास्थ्य विभाग ने जिलों को किया सतर्क

रांची : देश के कई राज्यों में इन्फ्लूएंजा ए के एच1एन1 और एच3एन2 संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए झारखंड स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आ गया है। राज्य में फिलहाल इन्फ्लूएंजा संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन संभावित खतरे को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिलों में निगरानी, जांच और उपचार व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश जारी किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम), झारखंड के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने शनिवार को संक्रमण की स्थिति पर सतत निगरानी रखने और किसी भी संभावित मामले से निपटने के लिए स्वास्थ्य तंत्र को पूरी तरह तैयार रखने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार सभी सिविल सर्जन, मेडिकल कॉलेजों और जिला सर्विलेंस पदाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इन्फ्लूएंजा जैसे लक्षण यानी आईएलआई (Influenza Like Illness) और गंभीर तीव्र श्वसन संक्रमण यानी एसएआरआई (Severe Acute Respiratory Infection) के मामलों की नियमित निगरानी की जाएगी। एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) के तहत ऐसे मामलों की दैनिक मॉनिटरिंग की जा रही है। संबंधित आंकड़ों की नियमित रिपोर्टिंग आईएचआईपी पोर्टल पर सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी संभावित संक्रमण की समय रहते पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। संक्रमण की जांच के लिए राज्य में रिम्स, रांची और एमजीएम अस्पताल, जमशेदपुर में एच1एन1 और एच3एन2 की जांच सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इसके साथ ही सभी जिला अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में कम से कम 10 बेड का पृथक आइसोलेशन वार्ड चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों को आवश्यक चिकित्सा संसाधनों से लैस रखने पर भी जोर दिया है। इसके तहत पीपीई किट, एन-95 एवं ट्रिपल लेयर मास्क, वीटीएम किट, आवश्यक दवाएं, ऑक्सीजन उपकरण और वेंटिलेटर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रखने को कहा गया है। ओपीडी में आने वाले सर्दी, खांसी, बुखार और गंभीर श्वसन संक्रमण के लक्षण वाले मरीजों की स्क्रीनिंग की जाएगी। विशेष रूप से बुजुर्गों, पांच वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और गंभीर पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों पर विशेष निगरानी रखने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मास्क पहनने, खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकने तथा पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ लेने की अपील की है। साथ ही लोगों को बिना चिकित्सकीय सलाह के एंटीबायोटिक दवाओं का सेवन नहीं करने की सलाह दी गई है। विभाग ने स्वास्थ्य संबंधी किसी भी परामर्श के लिए 104 हेल्पलाइन का उपयोग करने की अपील करते हुए कहा है कि संक्रमण की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और आवश्यकता के अनुसार आगे आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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