ऑपरेशन प्रहार में पलामू पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 443 किलो गांजा बरामद, दो सगे भाई गिरफ्तार
नारियल पानी के बीच छिपाकर हो रही थी गांजे की तस्करी, 2.20 करोड़ के मादक पदार्थ के साथ दो तस्कर दबोचे गए

पलामू : नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री और तस्करी के खिलाफ पलामू पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन प्रहार के तहत नौडीहा बाजार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने थाना क्षेत्र के महुरांव गांव में छापेमारी कर करीब 443 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 2 करोड़ 20 लाख रुपये बताई गई है। मामले में दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तस्करी में प्रयुक्त ट्रक, टेंपो और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। नौडीहा बाजार थाना परिसर में शनिवार दोपहर आयोजित प्रेस वार्ता में पलामू के पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि जिले में अवैध मादक पदार्थों के कारोबार और उससे जुड़े नेटवर्क के खिलाफ ऑपरेशन प्रहार के तहत लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में शुक्रवार को गुप्त सूचना मिली थी कि महुरांव क्षेत्र में मादक पदार्थों का भंडारण कर उसकी तस्करी की जा रही है। सूचना के आधार पर छतरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी प्रशांत कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो सगे भाई जमशेद आलम (25 वर्ष) और अली राजा (19 वर्ष) को एक ट्रक से गांजा उतारते हुए गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान पुलिस ने ट्रक में नारियल पानी (डाब) के बीच छिपाकर रखे गए 16 प्लास्टिक के बोरों से 424 छोटे-छोटे पैकेटों में पैक कुल 443 किलोग्राम गांजा बरामद किया। डीडी किट से जांच के बाद बरामद सामग्री के गांजा होने की पुष्टि की गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों के मादक पदार्थ तस्करी नेटवर्क का संबंध पलामू के अलावा बिहार के औरंगाबाद और ओडिशा तक होने की जानकारी सामने आई है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों और सहयोगियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के लिए अनुसंधान और छापेमारी जारी है। इस कार्रवाई में छतरपुर के इंस्पेक्टर द्वारिका राम, नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार सहित पुलिस बल के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।