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झारखंड में हाथियों के हमले से मौत पर मुआवजा बढ़ाने की तैयारी, नई एसओपी जल्द : हेमंत सोरेन

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है।

झारखंड में हाथियों के हमले से मौत पर मुआवजा बढ़ाने की तैयारी, नई एसओपी जल्द : हेमंत सोरेन

रांची। झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के चौथे दिन शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य में हाथियों के हमलों से होने वाली मौतों और नुकसान को लेकर बड़ा निर्णय लेने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि सरकार मुआवजा राशि बढ़ाने और पीड़ित परिवारों को समय पर राहत देने के लिए एक समेकित मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक रामेश्वर उरांव के ध्यानाकर्षण प्रस्ताव का जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। फिलहाल राज्य में हाथी के हमले में मौत होने पर चार लाख रुपये मुआवजा देने का प्रावधान है, लेकिन अन्य राज्यों में यह राशि चार लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक है। सरकार असम, ओडिशा और अन्य राज्यों की नीतियों का अध्ययन कर रही है और जल्द ही मुआवजा राशि बढ़ाने पर फैसला लिया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने बताया कि नई एसओपी में घटना के 10 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को मुआवजा देने का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही लकड़बग्घा, तेंदुआ और सांप जैसे अन्य वन्यजीवों के हमलों से होने वाली मौतों को भी एसओपी के दायरे में शामिल किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सोरेन ने अवैध खनन को भी हाथियों के बढ़ते हमलों का एक कारण बताते हुए कहा कि यदि खनन गतिविधियों से वन्यजीव प्रभावित हो रहे हैं तो सरकार इस पर सख्त कार्रवाई करेगी।

इससे पहले विधायक तिवारी महतो ने मांडू क्षेत्र में अवैध खनन का मुद्दा उठाया था, जिस पर प्रभारी मंत्री सुदिव्य सोनू ने कहा कि शिकायत मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

विधानसभा में सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का मुद्दा भी उठा। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधायक जनार्दन पासवान ने राज्य कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु 60 वर्ष से बढ़ाकर 62 वर्ष करने की मांग की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार में डॉक्टरों और शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 65 वर्ष है और पड़ोसी छत्तीसगढ़ में भी इसे बढ़ाया गया है।

इस पर वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने स्पष्ट किया कि राज्य में फिलहाल सेवानिवृत्ति आयु बढ़ाने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में शिक्षित बेरोजगार युवा हैं और सरकार रिक्त पदों पर युवाओं की नियुक्ति को प्राथमिकता दे रही है।

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