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झामुमो कार्यकर्ताओं ने एम एम डीआर बिल के विरुद्ध प्रखंड कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन

रिपोर्ट: कार्तिक कुमार5 घंटे पहलेझारखण्ड

यह कानून राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपये के लंबित खनन बकाये के भुगतान को भी रोकने का एक और प्रयास है, जिसकी मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बार-बार केंद्र से कर रहे हैं।"

झामुमो कार्यकर्ताओं ने एम एम डीआर बिल के विरुद्ध प्रखंड कार्यालय में किया धरना प्रदर्शन

पाकुड़। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पाकुड़ प्रखंड अध्यक्ष मुस्लेउद्दीन शेख के नेतृत्व में आज प्रखंड कार्यालय पाकुड़ में एक दिवसीय विशाल धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया, जिसमें पार्टी के जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम और सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव ने भी प्रमुखता से हिस्सा लेकर केंद्र सरकार के कथित "खनिज उपकर विरोधी" कानून के खिलाफ हुंकार भरी। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया और केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार के आदिवासी-विरोधी और राज्य-विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। 3.jpg

संवैधानिक और वित्तीय स्वायत्तता पर हमला:

धरने को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 (MMDR Act, 2026) न केवल झारखंड, बल्कि सभी खनिज उत्पादक राज्यों की संवैधानिक और वित्तीय स्वायत्तता पर एक गंभीर हमला है। उन्होंने कहा, " केंद्र सरकार सुप्रीम कोर्ट के नौ-सदस्यीय संविधान पीठ के फैसले को भी पलटने का प्रयास कर रही है, जिसने स्पष्ट रूप से राज्यों को खनिज भूमि पर कर लगाने का अधिकार दिया था।" 4.jpg अजीजुल इस्लाम ने चेतावनी दी कि "राज्यों की कर लगाने की शक्ति छीनकर, केंद्र सरकार झारखंड जैसे राज्यों को वित्तीय रूप से पंगु बनाना चाहती है, जो सीधे तौर पर यहाँ के आदिवासी-मूलवासी समाज के विकास को प्रभावित करेगा।"

कॉर्पोरेट लूट और आदिवासी हितों की अनदेखी: धरने में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव ने केंद्र सरकार पर कॉर्पोरेट लूट को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, "भाजपा सरकार अपने कॉर्पोरेट मित्रों को लाभ पहुँचाने के लिए झारखंड की खनिज संपदा को कौड़ियों के भाव बेचने पर उतारू है। यह कानून राज्य के 1.36 लाख करोड़ रुपये के लंबित खनन बकाये के भुगतान को भी रोकने का एक और प्रयास है, जिसकी मांग मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बार-बार केंद्र से कर रहे हैं।" 2.jpg श्याम यादव ने कहा कि "झारखंड की पहचान यहाँ की मिट्टी, जंगल, पहाड़ और खनिज संपदा से है, और केंद्र का यह कानून इस पहचान को मिटाने की एक साजिश है।"

राष्ट्रपति को ज्ञापन और प्रमुख मांगें:

प्रखंड अध्यक्ष मुस्लेउद्दीन शेख ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को संबोधित एक ज्ञापन का हवाला देते हुए कहा कि राष्ट्रपति स्वयं झारखंड की पूर्व राज्यपाल रह चुकी हैं और राज्य की विशिष्ट पहचान व आदिवासी समाज से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने मांग की कि राष्ट्रपति "इस अत्यंत संवेदनशील संवैधानिक पद" की शक्ति का उपयोग करते हुए केंद्र के इस "काले कानून" के खिलाफ हस्तक्षेप करें।

ज्ञापन के माध्यम से झामुमो ने राष्ट्रपति से निम्नलिखित मांगें की हैं: खनिज संशोधन अधिनियम की धारा 9D, जो राज्यों के उपकर लगाने के अधिकार को छीनती है, को रद्द किया जाए। खनिज उत्पादक राज्यों के संवैधानिक और वित्तीय अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। झारखंड के लंबित 1.36 लाख करोड़ रुपये के खनन बकाये का शीघ्र भुगतान केंद्र सरकार से कराया जाए। खनिज नीति और विकास प्रक्रिया के केंद्र में आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों और अधिकारों को रखा जाए।

धरने के बाद झामुमो के जिला अध्यक्ष अजीजुल इस्लाम, सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव और प्रखंड अध्यक्ष मुस्लेउद्दीन शेख नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह ,के नेतृत्व में एक शिष्टमंडल ने BDO पाकुड़ से मुलाकात की और राष्ट्रपति के नाम का ज्ञापन सौंपा। उक्त धरना प्रदर्शन में अल्पसंख्यक जिला अध्यक्ष कदम रसूल ,जिला संयुक्त सचिव जहूर आलम ,केंद्रीय समिति सदस्य उमर फारूक ,बुद्धिजीवी जिला उपाध्यक्ष प्रकाश सिंह ,जिला युवा उपाध्यक्ष रेजाउल हक ,नगर अध्यक्ष मुकेश सिंह ,प्रखंड सचिव राजेश सरकार ,उपाध्यक्ष अजफरुल शेख़ ,रामसिंह टुडू ,इस्माइल रहमान ,सत्तार शेख़ ,प्रकाश हांसदा ,अल्पसंख्यक प्रखंड अध्यक्ष मुसर्रफ हुसैन महिला प्रखंड अध्यक्ष मिना मुर्मु ,,हबीबुर्रहमान ,पिकलु शेख़ ,इस्माइल शेख़ ,नसीम अंसारी ,खालिद अंसारी , सोनू आलम ,अनेकुल आलम ,सेलिम शेख़ ,हैदर अली ,हुसैन शेख़ ,साफिकुल शेख़ ,महबूब आलम ,लखन हेम्ब्रम ,पतरस मरांडी ,बोलाईं सोरेन ,विजय किस्कु ,भारत मराण्डी ,मंगल हेम्ब्रम ,मोकलेसुर रहमान ,खैरुल आलम ,सलाम शेख़ ,फुरकान शेख ,इमाम हुसैन ,अमीरुल शेख़ ,साफु शेख़ ,यूसुफ खान ,अली शेख़ ,काबिल शेख़ ,जाकिर शेख़ ,आलम गिर आलम ,असरफुल शेख़ मेशकतुल शेख़ फरिजुद्दीन शेख़ ,लालचंद शेख़ ,अब्दुल मलेक ,बक्कर शेख़ ,रोजीबुल शेख़ ,चंदन भंडारी ,बसीर शेख़ , सहित सैकड़ों समर्थक उपस्थित थे

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