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पॉक्सो एक्ट और मोटर वाहन दुर्घटना वाद पर व्यवहार न्यायालय में एक दिवसीय कार्यशाला

रिपोर्ट: Amit Sahay1 घंटे पहलेझारखण्ड

तकनीकी सत्र में न्यायाधीश रविशंकर मिश्रा ने पॉक्सो मामलों में प्रशासन, पुलिस व डॉक्टर की भूमिका पर चर्चा की।

पॉक्सो एक्ट और मोटर वाहन दुर्घटना वाद पर व्यवहार न्यायालय में एक दिवसीय कार्यशाला

गिरिडीह: झालसा रांची के निर्देश एवं प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार मार्तंड प्रताप मिश्रा के मार्गदर्शन में शुक्रवार को व्यवहार न्यायालय गिरिडीह में पॉक्सो एक्ट 2012 और मोटर वाहन दुर्घटना वाद को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।

कार्यशाला का शुभारंभ प्रधान जिला न्यायाधीश मार्तंड प्रताप मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम कंवलजीत चोपड़ा, अष्टम रविशंकर मिश्रा, पंचम संजीव कुमार वर्मा, चतुर्थ सुशील कुमार सिंह एवं लोक अभियोजक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इस मौके पर प्रधान जिला न्यायाधीश ने कहा कि पॉक्सो एक्ट और एमवी एक्ट मामलों में सुप्रीम कोर्ट ने सभी स्टेकहोल्डर्स के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए हैं। इनका अनुपालन करने से पीड़ितों को त्वरित न्याय मिल सकेगा।

उन्होंने पुलिस, चिकित्सक और अधिवक्ताओं से संवेदनशीलता के साथ कार्य करने की अपील की। तकनीकी सत्र में न्यायाधीश रविशंकर मिश्रा ने पॉक्सो मामलों में प्रशासन, पुलिस व डॉक्टर की भूमिका पर चर्चा की। वहीं न्यायाधीश सुशील कुमार सिंह ने मोटर वाहन दुर्घटना वाद के प्रावधानों, न्यायिक अधिकारियों, पुलिस और बीमा कंपनियों की भूमिका पर जानकारी दी। डीएसपी नीरज कुमार सिंह ने हिट एंड रन मामलों में मुआवजा और अनुसंधान प्रक्रिया बताई। कार्यक्रम का संचालन डालसा सचिव सफदर अली नैयर ने किया। मौके पर न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस अधिकारी, अभियोजक, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी, अधिवक्ता, शिक्षक व न्यायालय कर्मी मौजूद थे।

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