केचकी संगम बना पर्यटकों की पहली पसंद, रेलवे फाटक पर जाम से बढ़ी परेशानी
पर्यटन को रफ्तार देने के लिए केचकी संगम रेलवे फाटक पर अंडरपास की मांग तेज

बरवाडीह, लातेहार : प्राकृतिक सौंदर्य और धार्मिक आस्था का संगम स्थल केचकी संगम तट इन दिनों झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शुमार होता जा रहा है। सप्ताहांत, छुट्टियों और नववर्ष जैसे अवसरों पर यहां पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। दूर-दराज से लोग परिवार और मित्रों के साथ केचकी संगम का आनंद लेने पहुंच रहे हैं। हालांकि बढ़ती लोकप्रियता के साथ यहां यातायात की गंभीर समस्या भी सामने आने लगी है। केचकी संगम जाने वाली मुख्य सड़क पर स्थित रेलवे फाटक पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गया है। फाटक बंद होते ही दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं और कई बार घंटों इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान चारपहिया-दोपहिया वाहनों के साथ एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी जाम में फंस जाती हैं। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को धूप, गर्मी या ठंड में सड़क पर खड़े रहना पड़ता है जिससे पूरे भ्रमण का आनंद फीका पड़ जाता है। इसी समस्या को गंभीरता से लेते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रखंड अध्यक्ष शशि भूषण तिवारी ने केचकी संगम के समीप रेलवे फाटक पर अंडरपास निर्माण की मांग उठाई है। उन्होंने डीआरएम धनबाद से इस संबंध में आग्रह करते हुए कहा कि केचकी संगम अब राज्य और आसपास के क्षेत्रों का प्रमुख पर्यटन केंद्र बन चुका है इसलिए यहां स्थायी समाधान जरूरी है। शशि भूषण तिवारी ने कहा कि अंडरपास बनने से न केवल पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की आवाजाही भी आसान होगी। साथ ही पर्यटन को बढ़ावा मिलने से होटल, ढाबा, दुकान और गाइड जैसे कार्यों के माध्यम से स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिलेंगे। स्थानीय ग्रामीणों, व्यवसायियों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने भी इस मांग का समर्थन किया है। अब सभी की नजरें रेलवे प्रशासन और सरकार के निर्णय पर टिकी हैं। यदि अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होती है, तो यह केचकी संगम आने वाले लाखों पर्यटकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।