जेसीबी से डोभा खुदाई पर बवाल, पीटीआर क्षेत्र में वन विभाग की मनमानी के खिलाफ ग्रामीणों का जोरदार विरोध
मजदूरों का हक छीने जाने का आरोप, ग्रामीणों ने रुकवाया वन विभाग का कार्य, प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

बरवाडीह, लातेहार : पलामू टाइगर रिजर्व (पीटीआर) अंतर्गत गाड़ी पीएफ क्षेत्र में वन विभाग द्वारा डोभा खुदाई का कार्य मजदूरों की बजाय जेसीबी मशीन से कराए जाने पर ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में गाड़ी और मतनाग गांव के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन करते हुए कार्य को तत्काल बंद करा दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की इस मनमानी से स्थानीय मजदूरों के सामने गंभीर रोजगार संकट उत्पन्न हो गया है। ग्रामीणों ने कहा कि डोभा खुदाई जैसे कार्य परंपरागत रूप से स्थानीय मजदूरों से कराए जाते रहे हैं जिससे गरीब परिवारों को रोजगार मिलता था। लेकिन इस बार बिना सूचना और सहमति के मशीनों का इस्तेमाल कर दिया गया। इससे न केवल मजदूरों का हक मारा गया बल्कि सरकार के रोजगार और पलायन रोकने के दावों पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि वर्षों से मजदूरी भुगतान में अनियमितताएं हो रही हैं। कई मजदूरों के खातों से भुगतान दिखाकर राशि की निकासी कर ली जाती है जबकि उन्हें पूरा पैसा नहीं मिलता। पीटीआर से प्रभावित गांवों के लोगों को पहले ही वन्यजीवों से फसल नुकसान, वन उत्पादों पर प्रतिबंध और मुआवजे की जटिल प्रक्रिया जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में मजदूरी के अवसर भी छिनने से लोगों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। ग्रामीणों के उग्र विरोध के बाद जेसीबी से चल रहा कार्य रोक दिया गया। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में स्थानीय मजदूरों की अनदेखी की गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच, मजदूरी अनियमितताओं पर कार्रवाई और स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देकर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग की है। हालांकि वन विभाग की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। सूत्रों के अनुसार विभाग ने कार्य में तेजी लाने के उद्देश्य से मशीनों के उपयोग की बात कही है। फिलहाल यह मामला पीटीआर से प्रभावित गांवों की लंबे समय से चली आ रही पीड़ा और असंतोष का प्रतीक बन गया है।