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खालसा वॉरियर एकादश ने जीता केपीएल का खिताब, फाइनल में टिनप्लेट सुपर किंग्स पर 7 विकेट से शानदार जीत

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

रौनक बने प्लेयर ऑफ द सीरीज, करण को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज व सिक्सर किंग का खिताब; सौरव तिवारी बोले: ऐसे टूर्नामेंट युवाओं को देते हैं मंच

खालसा वॉरियर एकादश ने जीता केपीएल का खिताब, फाइनल में टिनप्लेट सुपर किंग्स पर 7 विकेट से शानदार जीत

जमशेदपुर : शहर के प्रतिष्ठित को-ऑपरेटिव कॉलेज मैदान में आयोजित खालसा प्रीमियर लीग (केपीएल) का समापन रविवार को बेहद रोमांचक और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। तीन दिवसीय इस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में खालसा वॉरियर एकादश ने दमदार प्रदर्शन करते हुए मजबूत मानी जा रही टीम टिनप्लेट सुपर किंग्स को 7 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ ही खालसा वॉरियर ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी श्रेष्ठता साबित कर दी। फाइनल मुकाबले की शुरुआत टॉस के साथ हुई जिसमें टिनप्लेट सुपर किंग्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। हालांकि खालसा वॉरियर के गेंदबाजों ने अनुशासित और सधी हुई गेंदबाजी करते हुए विपक्षी टीम को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। निर्धारित 8 ओवरों में टिनप्लेट सुपर किंग्स की टीम 4 विकेट खोकर केवल 72 रन ही बना सकी। टिनप्लेट सुपर किंग्स की ओर से गोल्डी ने 17 गेंदों पर 26 रनों की उपयोगी पारी खेली जबकि राज ने 12 गेंदों में 18 रन बनाकर टीम को संभालने की कोशिश की। इसके अलावा अन्य बल्लेबाज बड़ी पारी खेलने में असफल रहे। खालसा वॉरियर की ओर से रौनक और टीम के कप्तान ने कसी हुई गेंदबाजी करते हुए एक-एक विकेट हासिल किया जिससे टिनप्लेट की टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। 73 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी खालसा वॉरियर एकादश ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। टीम के बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाते हुए मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली। खासकर रौनक की विस्फोटक बल्लेबाजी ने मुकाबले का रुख पूरी तरह बदल दिया। रौनक ने मात्र 9 गेंदों पर 34 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल रहे। उनके इस प्रदर्शन ने दर्शकों को रोमांचित कर दिया। रौनक के अलावा अमन ने भी 12 गेंदों पर 19 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। खालसा वॉरियर ने केवल 6.4 ओवर में 3 विकेट खोकर 75 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस आसान जीत ने टीम की मजबूत रणनीति और संतुलित प्रदर्शन को दर्शाया। टिनप्लेट सुपर किंग्स की ओर से गेंदबाजी में परम ने 2 ओवर में 22 रन देकर 2 विकेट झटके लेकिन वह अपनी टीम को जीत नहीं दिला सके। फाइनल में शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन के लिए रौनक को प्लेयर ऑफ द फाइनल चुना गया। उन्होंने न सिर्फ 34 रनों की तेजतर्रार पारी खेली बल्कि गेंदबाजी में भी 2 ओवर में 24 रन देकर एक विकेट हासिल किया। पूरे टूर्नामेंट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के कारण उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज का भी खिताब दिया गया। टूर्नामेंट के अन्य पुरस्कारों में टिनप्लेट सुपर किंग्स के करण को सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज और सिक्सर किंग घोषित किया गया। करण ने पूरे टूर्नामेंट में अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। वहीं परम को उनके शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन के लिए सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार प्रदान किया गया। टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर एवं झारखंड राज्य क्रिकेट संघ (जेएससीए) के महासचिव सौरव तिवारी उपस्थित रहे। उन्होंने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि खालसा प्रीमियर लीग जैसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने का एक बड़ा मंच प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे टूर्नामेंट न केवल खिलाड़ियों को निखारते हैं बल्कि युवाओं को खेल के प्रति प्रेरित भी करते हैं। सौरव तिवारी ने विशेष रूप से सिख युवाओं के जोश और खेल भावना की सराहना की। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के प्रधान सरदार निशान सिंह ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में एकता, अनुशासन और खेल भावना को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने कहा कि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी भविष्य में भी ऐसे आयोजनों को निरंतर प्रोत्साहित करती रहेगी। समारोह में वरिष्ठ पत्रकार राघवेन्द्र सिंह, युवा नेता सतबीर सिंह सोमू, चंचल भाटिया, सेंट्रल नौजवान सभा के अध्यक्ष अमरीक सिंह, ट्रस्टी रबीन्द्र सिंह, मनमोहन भामरा और जगतार सिंह नागी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी, पदक और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। टूर्नामेंट के सफल संचालन में अंपायर सन्नी नामता उर्फ ताइबू और लालू प्रसाद यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही जिन्होंने निष्पक्ष अंपायरिंग करते हुए मैचों को सुचारू रूप से संपन्न कराया। वहीं स्कोरिंग का कार्य दीपक यादव ने संभाला जबकि इलेक्ट्रॉनिक स्कोरिंग की जिम्मेदारी वरुण कुमार और कुलजीत सिंह ने निभाई। टूर्नामेंट के तकनीकी निदेशक बलजीत संसोआ ने अपनी जीवंत और रोचक कमेंट्री से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। उनकी शैली ने मैचों में और अधिक उत्साह भर दिया। उन्होंने बताया कि जमशेदपुर में फ्लडलाइट क्रिकेट टूर्नामेंट को फिर से शुरू करने की दिशा में गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं जिससे खिलाड़ियों को और बेहतर मंच मिल सके। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी, साकची के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। प्रधान निशान सिंह के नेतृत्व में महासचिव परमजीत सिंह काले, सतनाम सिंह घुम्मण, सुरजीत सिंह सीते, अजायब सिंह, बलबीर सिंह, हरविंदर सिंह, सतिंदर सिंह रोमी, बरयाम सिंह, त्रिलोचन सिंह, नानक सिंह, मनोहर सिंह समेत कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई।

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