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NEET-2026 में पाकुड़ के एएसआई के बेटे कुमार प्रिंस ने मारी बाजी

रिपोर्ट: कार्तिक कुमार2 घंटे पहलेझारखण्ड

578 अंक के साथ AIR 19,107, लाया रैंक, मां, पिता का बढ़ाया मान

NEET-2026 में पाकुड़ के  एएसआई के बेटे कुमार प्रिंस ने मारी बाजी

पाकुड़। कहा जाता है कि लगन और ईमानदारी से मेहनत की जाए तो कामयाबी जरूर हासिल होती है। यह कथन कुमार प्रिंस पर सटीक बैठती है। पाकुड़ महिला थाना में पोस्टेड एएसआई द्वारिका नाथ तिवारी के बेटे प्रिंस ने NEET-2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए 578 अंक हासिल कर एक बड़ी कामयाबी हासिल की हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 19107 हासिल कर अपने माता, पिता का नाम रोशन किया है। परिणाम घोषित होने के बाद परिवार, रिश्तेदारों और शुभचिंतकों में खुशी की लहर दौड़ गई है। उनकी सफलता मेडिकल की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बन गई है।

प्रिंस स्कूल से ही रहे प्रतिभावान छात्र रहा कुमार प्रिंस शुरू से ही पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। उन्होंने संत जोसेफ स्कूल कहलगांव एनटीपीसी से 10वीं की परीक्षा में 97 प्रतिशत अंक प्राप्त किया था। वहीं से 12वीं की पढ़ाई पूरी करते हुए 98 प्रतिशत अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का आज परचम लहरा दिया है।

घर से ऑनलाइन क्लास कर मिली शानदार सफलता

12वीं के बाद प्रिंस ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी शुरू की। कहलगांव स्थित अपने घर पर रहकर कोटा के एल एन कोचिंग इंस्टीट्यूट से ऑनलाइन क्लाश किया। नियमित अध्ययन, अनुशासित दिनचर्या और लगातार अभ्यास के दम पर उन्होंने NEET-2026 में उल्लेखनीय सफलता हासिल की।

परिवार का मिला पूरा सहयोग

प्रिस की सफलता में उनके परिवार की अहम भूमिका रही। उनके पिता द्वारिकानाथ और माता दीपा तिवारी ने हर कदम पर बेटे का उत्साह बढ़ाया। परिवार ने इस सफलता का श्रेय प्रिंस की मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प को दिया है।

डॉक्टर बनकर समाज सेवा का प्रिंस का सपना प्रिंस का लक्ष्य एक सफल डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना है। उनका मानना है कि चिकित्सा केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानव सेवा का सबसे प्रभावी माध्यम है। अब वे प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेकर अपने सपने को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

युवाओं के लिए प्रेरणा

NEET जैसी कठिन परीक्षा में सफलता पाने के लिए निरंतर मेहनत, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास की आवश्यकता होती है। प्रिंस की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि लक्ष्य के प्रति समर्पण और परिवार का सहयोग किसी भी बड़ी सफलता की मजबूत नींव बन सकता है।

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