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पाकुड़ पॉलिटेक्निक में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

रिपोर्ट: VBN News Desk1 घंटे पहलेझारखण्ड

युवा सशक्तिकरण, महिला-बाल सुरक्षा और सकारात्मक पेरेंटिंग पर दिया गया विशेष संदेश

पाकुड़ पॉलिटेक्निक में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

By Ajay Kumar

पाकुड़: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (झालसा) रांची के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डालसा) पाकुड़ के तत्वावधान में मंगलवार को पाकुड़ पॉलिटेक्निक परिसर में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह डालसा अध्यक्ष दिवाकर पांडेय के निर्देश पर तथा डालसा सचिव रूपा बंदना किरो की उपस्थिति में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव रूपा बंदना किरो ने कहा कि युवा वर्ग समाज और राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने युवाओं को निशुल्क कानूनी परामर्श, लोक अदालत की उपयोगिता, डालसा द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क अधिवक्ता सेवा, महिला सुरक्षा, युवा सुरक्षा तथा कानूनी अधिकारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि युवा अपनी मेहनत, प्रतिभा और सकारात्मक सोच के बल पर समाज में परिवर्तन ला सकते हैं।

डीएसपी मुख्यालय उज्ज्वल कुमार साहा ने युवाओं की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। उनमें नई ऊर्जा, उत्साह, रचनात्मकता और परिवर्तन की क्षमता होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से समाज में सकारात्मक बदलाव के वाहक बनने की अपील की। लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम के सहायक गंगाराम टुडू और अज़फर हुसैन विश्वास ने विभिन्न कानूनी प्रावधानों, महिला एवं बाल सुरक्षा तथा पॉक्सो एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस युवाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, अवसर और कानूनी सशक्तिकरण के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण अवसर है।

कार्यक्रम का संचालन इंडियन नेशनल एसोसिएशन के अध्यक्ष जेड.एच. विश्वास ने किया। पाकुड़ पॉलिटेक्निक की प्राचार्य डॉ. सुषमा यादव ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का अनुसरण करते हुए मेहनत, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा के साथ सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। पीसीआई-यूनिसेफ के जिला कार्यक्रम समन्वयक मो. अनीश अंसारी ने पेरेंटिंग सेशन के दौरान दो गुब्बारों के उदाहरण के माध्यम से सकारात्मक सोच और पारिवारिक संवाद का महत्व समझाया। उन्होंने कहा कि बच्चों के मन में यदि प्रेम, अच्छे संस्कार, शिक्षा, आत्मविश्वास और सहयोग की भावना भरी जाए, तो उनका व्यक्तित्व सकारात्मक दिशा में विकसित होता है। वहीं नकारात्मक वातावरण बच्चों के व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। सत्र में माता-पिता को बच्चों की बात ध्यान से सुनने, उन्हें समझने और उनके भीतर आत्मविश्वास विकसित करने की प्रेरणा दी गई। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि “बच्चों के मन में जो भरा जाएगा, वही उनके व्यवहार और व्यक्तित्व के रूप में सामने आएगा।”

इस अवसर पर पाकुड़ पॉलिटेक्निक के शिक्षक-शिक्षिकाएं, सोशल वर्कर नासीरुद्दीन शेख, फजर शेख, आलियारा खातून, बीवीजान, हाजरा बीवी, छात्राएं नेहा कुमारी, पायल कुमारी, आयेशा खातून, रेशमा खातून, नूरजहां खातून, पारा लीगल वॉलंटियर्स नीरज कुमार राउत सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

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