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जमशेदपुर डेयरी का मुख्य गेट जाम, मृतक कर्मी रवींद्रनाथ ठाकुर को न्याय दिलाने की मांग पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

रिपोर्ट: MANISH 14 घंटे पहलेझारखण्ड

हत्या का मुकदमा, मुआवजा और आश्रित को नौकरी की मांग, न्याय नहीं मिलने पर आंदोलन हुआ तेज

जमशेदपुर डेयरी का मुख्य गेट जाम, मृतक कर्मी रवींद्रनाथ ठाकुर को न्याय दिलाने की मांग पर अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू

आदित्यपुर : जमशेदपुर डेयरी (दूध कंपनी) के कर्मचारी स्वर्गीय रविन्द्र नाथ ठाकुर की संदिग्ध मौत को लेकर बुधवार से परिजनों और समर्थकों ने कंपनी के मुख्य गेट पर अनिश्चितकालीन जाम एवं धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। आंदोलनकारियों ने कंपनी प्रबंधन, संबंधित ठेकेदार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। मृतक की पत्नी तारा देवी ने आरोप लगाया कि 17 जून को ड्यूटी के दौरान रविन्द्र नाथ ठाकुर की तबीयत बिगड़ने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने समय पर समुचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध नहीं कराई। आरोप है कि उन्हें अस्पताल ले जाने के बजाय घर भेज दिया गया। इसके बाद परिजनों ने उन्हें ईएसआई अस्पताल, टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) और बाद में रिम्स में भर्ती कराया जहां 21 जून को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि चिकित्सकों ने शरीर में जहरीले पदार्थ के प्रभाव की आशंका जताई थी। मृतक के पुत्र चंदन ठाकुर ने कहा कि यदि कंपनी प्रबंधन समय रहते उचित इलाज कराता तो उनके पिता की जान बच सकती थी। उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कंपनी प्रबंधन, संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जब तक न्याय नहीं मिलेगा तब तक आंदोलन जारी रहेगा। सामाजिक कार्यकर्ता रश्मि भेंगरा ने कहा कि परिजनों ने कई बार कंपनी प्रबंधन से वार्ता का प्रयास किया लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। उन्होंने मृतक परिवार को उचित मुआवजा, एक आश्रित को स्थायी नौकरी तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और कंपनी प्रबंधन ने शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं की तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। फिलहाल कंपनी के मुख्य गेट पर धरना जारी है। आंदोलनकारियों का कहना है कि उनकी मांगें पूरी होने तक गेट जाम और प्रदर्शन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा। वहीं पूरे घटनाक्रम पर कंपनी प्रबंधन की ओर से समाचार लिखे जाने तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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