मानदेय और सामाजिक सुरक्षा की मांग को लेकर मनरेगा कर्मियों का धरना, 12 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
बोकारो उपायुक्त कार्यालय के समक्ष सांकेतिक हड़ताल का दूसरा दिन, कई योजनाएं प्रभावित

By Tanveer बोकारो: झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के प्रदेश कमिटी के आह्वान पर बोकारो जिला इकाई द्वारा उपायुक्त कार्यालय के समक्ष 9 मार्च से 11 मार्च तक चल रहे सांकेतिक हड़ताल के दूसरे दिन मंगलवार को जिले के सभी प्रखंडों के मनरेगा कर्मी धरने पर बैठे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष सुनीलचंद्र दास ने की।
कर्मचारी अपनी पांच सूत्री लंबित मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें पिछले छह महीनों से लंबित मानदेय का भुगतान, वर्ष 2024 में 79 दिनों की हड़ताल के बाद हुए समझौते को अब तक लागू नहीं करना, सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य बीमा तथा मृत्यु उपरांत मुआवजा की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग प्रमुख है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि झारखंड सरकार और ग्रामीण विकास विभाग, झारखंड द्वारा मांगों पर जल्द सकारात्मक पहल नहीं की जाती है, तो 12 मार्च 2026 से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
हड़ताल के कारण जिले के सभी प्रखंडों की पंचायतों में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत चल रही कई योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। इनमें डोभा निर्माण, बिरसा सिंचाई कूप, शेड निर्माण, आम बागवानी, खेल मैदान निर्माण तथा आवास निर्माण से संबंधित मजदूरी भुगतान जैसी योजनाएं शामिल हैं।
धरना कार्यक्रम में प्रदेश महामंत्री दीपक महतो, प्रदेश कोर समिति सदस्य सैयद नन्हे परवेज, जिला अध्यक्ष सुनीलचंद्र दास, विनय गुरु, रामेश्वर महतो, लालच महतो, उमेश कुमार तूरी, प्रबोध ख्वास, सहदेव महतो, शमीम अंसारी, कौशिक कुमार दे, अशोक महतो, इकराम शम्सी, सुबोध महतो, आशा कुमारी, मतीन अंसारी, दिलीप शर्मा, मदन महतो, जगबंधु दास, नारायण बाउरी, खुर्शीद आलम सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।