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नंगे पांव सुल्तानगंज से पुरी धाम की पदयात्रा पर निकले मुकेश कुमार, अटूट आस्था ने बनाया प्रेरणा का प्रतीक

रिपोर्ट: VBN News Desk5 घंटे पहलेझारखण्ड

तपती सड़क, छाले भरे पैर और भोलेनाथ का नाम - शिवभक्त की कठिन यात्रा ने लोगों को किया भावुक

नंगे पांव सुल्तानगंज से पुरी धाम की पदयात्रा पर निकले मुकेश कुमार, अटूट आस्था ने बनाया प्रेरणा का प्रतीक

रिपोर्ट : सौरभ कुमार

जादूगोड़ा : आस्था, तपस्या और संकल्प की एक अनोखी मिसाल इन दिनों झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के गालूडीह क्षेत्र में देखने को मिली जहां बिहार के भागलपुर निवासी एक शिवभक्त नंगे पांव सुल्तानगंज से पुरी धाम तक की कठिन पदयात्रा करते नजर आए। भीषण गर्मी और लंबी दूरी के बावजूद भगवान भोलेनाथ के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा ने राहगीरों और स्थानीय लोगों को भावुक कर दिया। गालूडीह स्थित नेशनल हाईवे पर मां वैष्णो देवी मंदिर के समीप शिवभक्त मुकेश कुमार अपनी कांवर यात्रा के दौरान विश्राम करते मिले। नवगछिया, भागलपुर (बिहार) निवासी मुकेश कुमार सुल्तानगंज से पवित्र जल लेकर पैदल पुरी धाम की यात्रा पर निकले हैं। उन्होंने बताया कि वे लगातार कई दिनों से पैदल यात्रा कर रहे हैं और विभिन्न राज्यों एवं रास्तों से गुजरते हुए अब गालूडीह पहुंचे हैं। उनका अगला पड़ाव घाटशिला होगा जहां कुछ देर विश्राम के बाद वे आगे की यात्रा जारी रखेंगे। मुकेश कुमार का कहना है कि यह यात्रा केवल पैदल चलने का सफर नहीं बल्कि भगवान शिव के प्रति समर्पण, आत्मविश्वास और तपस्या की परीक्षा है। उन्होंने बताया कि रास्ते में तेज धूप, भूख-प्यास, पैरों में छाले और रात में सुरक्षित ठहरने जैसी कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है लेकिन भोले बाबा का नाम लेते ही सारी थकान दूर हो जाती है। विशेष बात यह है कि मुकेश कुमार किसी संपन्न परिवार से नहीं आते। वे खेती और मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने अपनी आस्था और संकल्प को कमजोर नहीं पड़ने दिया। सड़क किनारे भारी वाहनों के बीच कांवर और जल को सुरक्षित रखते हुए सैकड़ों किलोमीटर की दूरी तय करना अपने आप में चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। गालूडीह में जब लोगों ने उन्हें नंगे पांव तपती सड़क पर चलते देखा तो कई राहगीर रुककर उनकी भक्ति और साहस को नमन करते नजर आए। स्थानीय लोगों ने कहा कि आज के समय में जहां लोग छोटी-छोटी परेशानियों से घबरा जाते हैं वहीं मुकेश कुमार जैसे शिवभक्त समाज को धैर्य, त्याग और आस्था का संदेश दे रहे हैं। सनातन परंपरा और भक्ति की यह अनोखी यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह भी दर्शाती है कि सच्ची श्रद्धा इंसान को हर कठिन रास्ता पार करने की शक्ति देती है।

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